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    हिमाचल: पंडोह बांध के गेट खोलने से ब्यास नदी में फंसा फोरलेन कंपनी का ऑपरेटर, देखते ही देखते ही बह गया

    By Hansraj Saini Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Thu, 20 Nov 2025 03:11 PM (IST)

    हिमाचल प्रदेश में पंडोह बांध के गेट खुलने से ब्यास नदी में फोरलेन कंपनी का एक ऑपरेटर फंस गया और बह गया। स्थानीय लोगों ने बांध प्रबंधन पर लापरवाही का आ ...और पढ़ें

    मंडी में पंडोह बांध से पानी छोड़ने के कारण बही मशीनरी व लापता ऑपरेटर।

    मंडी में पंडोह बांध से पानी छोड़ने के कारण बही मशीनरी व लापता ऑपरेटर।

    HighLights

    1. पंडोह बांध से ब्यास में बहा ऑपरेटर

    2. बिना सूचना गेट खोलने का आरोप

    3. बचाव कार्य जारी, तलाश मुश्किल

    जागरण संवाददाता, मंडी। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में पंडोह बांध से पानी छोड़े जाने के कारण मंडी-पठानकोट फोरलेन निर्माण कार्य में लगी मशीनरी का ऑपरेटर ब्यास नदी में बह गया। हालांकि, बीबीएमबी ने बुधवार सुबह ही इस संबंध में अलर्ट जारी कर दिया था। बावजूद इसके पठानकोट-मंडी फोरलेन निर्माण में कार्यरत गावर कंस्ट्रक्शन कंपनी ने मशीनरी को देर रात तक ब्यास नदी के बीच काम पर लगाए रखा। 

    चेतावनी की इस अवहेलना का दर्दनाक अंजाम यह हुआ कि एक मशीन आपरेटर नदी के तेज बहाव में बह गया। रातभर की तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। 

    बिंद्रावणी के पास पुल के पिलरों के लिए की जा रही थी खोदाई 
    गावर कंस्ट्रक्शन कंपनी बिंद्रावणी के पास फोरलेन पुल का निर्माण कर रही है। पुल के पिलरों की खोदाई के लिए नदी के बीच भारी मशीनें तैनात की गई थीं। 

    एनएचएआई ने भी जारी किया था अलर्ट 

    एनएचएआइ के अधिकारियों ने सुबह सभी निर्माण एजेंसियों को पंडोह बांध के स्पिलवे गेट किसी भी समय खुलने की आशंका व्यक्त करते हुए सतर्क रहने को कहा था। बावजूद इसके कंपनी ने रात के समय भी मशीन से खोदाई का कार्य जारी रखा। 

    रात 11 बजे पानी ज्यादा बढ़ने से मशीनरी सहित फंस गया ऑपरेटर

    बीबीएमबी ने रात करीब नौ बजे पंडोह बांध के स्पिलवे गेट खोलकर लगभग 4000 क्यूसेक पानी छोड़ा। नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और रात करीब साढ़े 11 बजे हालात अचानक खतरनाक हो गए। 

    मशीन को सुरक्षित निकालने की कोशिश में गंवाई जान

    इसी दौरान आपरेटर मशीन को सुरक्षित जगह ले जाने की कोशिश करता रहा, लेकिन तेज धारा के कारण मशीन बीच में फंस गई। कुछ ही क्षणों में पानी का बहाव इतना प्रचंड हो गया कि पाइलिंग मशीन पलट गई और आपरेटर तेज लहरों में बह गया। 

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    अंधेरा और बढ़े हुए जलस्तर ने मुश्किल किया रेस्क्यू

    रात का अंधेरा और बढ़ा हुआ जलस्तर रेस्क्यू टीमों के लिए बड़ी चुनौती बन गए। पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं, लेकिन तेज धारा के कारण तुरंत खोज शुरू नहीं हो सकी। वीरवार सुबह से दोबारा तलाशी अभियान शुरू किया गया है, हालांकि अब तक कोई सफलता नहीं मिली है। 

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    एनएचएआई ने किया कंपनी से किया जवाब तलब

    वहीं एनएचएआइ अधिकारियों ने भी गावर कंस्ट्रक्शन कंपनी से जवाब तलब किया है। प्रशासन ने सभी निर्माण कंपनियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भविष्य में बांधों से संबंधित किसी भी चेतावनी को हल्के में न लिया जाए। आपरेटर तनवीर आलम, निवासी मोहानिया जिला कैमूर बिहार का रहने वाला था।

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