Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    हिमाचल पंचायत चुनाव: चनोल में फिर चला बहू-ससुर की जोड़ी का जादू, तीसरी बार हासिल की जीत

    By Kulbhushan Chabba Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Wed, 27 May 2026 04:55 PM (IST)

    सुंदरनगर की चनोल पंचायत में बहू नीलम ठाकुर और ससुर शंकर सिंह की जोड़ी ने पंचायत चुनाव के पहले चरण में फिर जीत हासिल की है। नीलम प्रधान बनीं और शंकर सि ...और पढ़ें

    चनोग पंचायत की प्रधान नीलम ठाकुर और उनके ससुर उपप्रधान शंकर सिंह।

    चनोग पंचायत की प्रधान नीलम ठाकुर और उनके ससुर उपप्रधान शंकर सिंह।

    HighLights

    1. बहू नीलम ठाकुर प्रधान, ससुर शंकर सिंह उप-प्रधान बने।

    2. नीलम ने 196, शंकर सिंह ने 41 मतों से जीत दर्ज की।

    3. 90 वर्षीय शंकर सिंह 50 वर्षों से पंचायत सेवा में।

    कुलभूषण चब्बा, सुंदरनगर (मंडी)। लोकतंत्र की सबसे खूबसूरत और अटूट परंपरा की गवाह एक बार फिर सुंदरनगर उपमंडल की चनोल पंचायत बनी है। यहां की जनता ने किसी दल या वादे पर नहीं, बल्कि सेवा और सादगी के उस संगम पर भरोसा जताया है। जिसे बहू और ससुर की जोड़ी ने पिछले कई दशकों से सींचा है। मंगलवार को पंचायत चुनाव के पहले चरण में इस जोड़ी ने एक बार फिर पंचायत की कमान अपने हाथों में ले ली है।

    बहू नीलम ठाकुर ने अपनी प्रतिद्वंद्वी को 196 मतों के भारी अंतर से शिकस्त देकर प्रधान पद पर कब्जा किया, जबकि उनके ससुर शंकर सिंह ने अपनी सादगी और बेदाग कार्यप्रणाली के दम पर 41 मतों से जीत दर्ज कर विरोधियों को पछाड़ दिया।

    2010 व 15 में भी जीत चुके

    साल 2010 में भी चनोल की जनता ने नीलम को प्रधान और शंकर सिंह को उप-प्रधान चुना था। साल 2015 में बहू नीलम ने जिला परिषद डैहर वार्ड से जीत का परचम लहराया तो ससुर ने उप-प्रधान की सीट संभाली।

    90 वर्ष की आयु और 50 साल की सेवा

    आगामी 30 जून को अपने जीवन के 90 वर्ष पूरे करने जा रहे शंकर सिंह पिछले 50 सालों से पंचायत की धड़कन बने हुए हैं। शंकर सिंह ने महज 36 वर्ष की उम्र में साल 1973 में तत्कालीन नालग पंचायत से अपने सियासी सफर का आगाज किया था। सिर्फ तीन बार सीट महिलाओं और अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित होने के कारण वो दूर रहे, वरना जीत हमेशा उनके कदम चूमती रही। चनोल पंचायत का बच्चा-बच्चा शंकर सिंह की मीठी भाषा, नेक दिल इंसानियत और विकास कार्यों की मेहनत का मुरीद है।

    यह पंचायत के लोगों का प्रेम और उन पर जताया गया अटूट विश्वास है। वर्षाें से यह विश्वास यथावत बना हुआ है। हमारी पंचायत प्रदेश भर में एक रोल माडल के रूप में स्थापित हो, यहीं कामना है।
    -शंकर सिंह, उप प्रधान, चनोल पंचायत।

    यह भी पढ़ें: पंचायत चुनाव में एक और लापरवाही, बिलासपुर में पोलिंग पार्टी के 4 सदस्य सस्पेंड; मतपेटियों की कर दी थी अदला-बदली 

    खबरें और भी