बिजली मीटर स्मार्ट पर व्यवस्था वही, हिमाचल में ओवरलोडिंग से लड़खड़ा रहे सब स्टेशन; नियमित कट बिगाड़ रहे दिनचर्या
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में स्मार्ट मीटर लगने के बावजूद बिजली आपूर्ति व्यवस्था खराब है। सुंदरनगर, नाचन और बल्ह क्षेत्रों में ओवरलोडिंग के कारण सब स ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश में मीटर तो स्मार्ट लगा दिए हैं पर बिजली आपूर्ति बेहाल है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
मंडी में ओवरलोडिंग से बिजली आपूर्ति व्यवस्था चरमराई।
सुबह के नियमित कटों से दिनचर्या, पढ़ाई प्रभावित।
स्मार्ट मीटर लगे पर बुनियादी ढांचे पर ध्यान नहीं।
जागरण संवाददाता, मंडी। हिमाचल प्रदेश में सरकार भले ही स्मार्ट मीटर लगाकर बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने का दावा कर रही हो, लेकिन जमीनी सच्चाई इससे उलट नजर आ रही है। मंडी जिले के सुंदरनगर, नाचन और बल्ह क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की हालत लगातार खराब होती जा रही है। ओवरलोडिंग के कारण सब स्टेशन बार-बार फेल हो रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं को अघोषित बिजली कटौती का सामना करना पड़ रहा है।
सुबह के कट कर रहे दिनचर्या प्रभावित
खासकर सुबह सात से नौ बजे तक लग रहे नियमित कटों ने लोगों की दिनचर्या और विद्यार्थियों की पढ़ाई को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। सुबह के समय जब लोग कार्यालय, स्कूल और कॉलेज जाने की तैयारी में रहते हैं, उसी समय बिजली गुल हो जाती है। गृहिणियों को रसोई के कामों में परेशानी उठानी पड़ रही है, वहीं आनलाइन कक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए यह समस्या और भी गंभीर बन गई है।
लोड बढ़ते ही ट्रिपिंग की समस्या
लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार नए कनेक्शन तो जोड़े जा रहे हैं, लेकिन सब स्टेशनों और ट्रांसफार्मरों की क्षमता नहीं बढ़ाई जा रही। इसी कारण लोड बढ़ते ही ट्रिपिंग की समस्या सामने आ जाती है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि बिजली बोर्ड द्वारा स्मार्ट मीटर तो तेजी से लगाए जा रहे हैं, लेकिन बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
व्यापारियों का कहना है कि सुबह के समय बिजली न होने से छोटे उद्योग और दुकानों में कामकाज प्रभावित हो रहा है।
क्या कहते हैं अधिकारी
बिजली बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि ओवरलोडिंग की समस्या को देखते हुए कुछ स्थानों पर सुधार कार्य प्रस्तावित हैं। जल्द ही अतिरिक्त ट्रांसफार्मर लगाने और सब स्टेशनों की क्षमता बढ़ाने का कार्य किया जाएगा। हालांकि, लोगों का कहना है कि आश्वासन तो हर बार मिलते हैं, लेकिन हालात में कोई खास सुधार नजर नहीं आ रहा।