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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    सुक्खू सरकार ने घाटे में डाला बिजली बोर्ड, नहीं वसूल पा रही बकाया; विद्युत बोर्ड पेंशनर्स फोरम की बैठक में उठा मामला

    Updated: Sun, 10 Nov 2024 11:34 AM (GMT+05:30)

    हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड वित्तीय संकट से जूझ रहा है। सरकार की अनदेखी और अधिकारियों की लापरवाही के कारण बोर्ड को घाटा हो रहा है। 366.44 करोड़ रु ...और पढ़ें

    राज्य विद्युत बोर्ड पेंशनर्स संघ की नवनियुक्त कार्यकारिणी
    राज्य विद्युत बोर्ड पेंशनर्स संघ की नवनियुक्त कार्यकारिणी

    HighLights

    1. पेंशनर्स के 260 करोड़ रुपये नहीं दे पा रही सरकार
    2. सरकार के पास अब भी 36000 कनेक्शन पेंडिंग
    3. विद्युत बोर्ड पेंशनर्स फोरम नई कार्यकारिणी गठित

    जागरण संवाददाता, मंडी। राज्य बिजली बोर्ड को प्रदेश सरकार ने ही घाटे में डाल दिया है। 366.44 करोड़ रुपये की राशि तो उपभोक्ताओं से लेने है, 328 करोड़ सरकार के पास से बोर्ड ने लेना है, जबकि 36000 कनेक्शन अभी पेंडिंग हैं और 260 करोड़ रुपये पेंशनर्स के देने के नाम पर घाटा याद आ जाता है।

    यह बात शनिवार को विद्युत बोर्ड पेंशनर्स फोरम की राज्यस्तरीय बैठक में पदाधिकारियों ने कही। बैठक में फोरम की नई कार्यकारिणी का भी गठन किया गया, जिसमें केएस गुप्ता अध्यक्ष और कुलदीप खरबाड़ा वरिष्ठ उपाध्यक्ष चुने गए। बैठक में कैबिनेट सब कमेटी को भंग करने की मांग भी की गई।

    सरकार के पास इतने कनेक्शन लंबित

    मंडी में हुई राज्यस्तरीय बैठक में कुलदीप खरबाड़ा ने कहा कि बिजली बोर्ड के घाटे में जाने का कारण सरकार की अनदेखी और अधिकारियों की लापरवाही है।

    सरकार के पास अब भी 36,000 बिजली के कनेक्शन अभी लंबित हैं जिनके लगने पर बोर्ड को राजस्व आएगा लेकिन स्मार्ट मीटर के चक्कर में सब लटका दिए गए हैं।

    अकेले 121 करोड़ रुपये की लेनदारी जलशक्ति विभाग से है, लेकिन बोर्ड के अधिकारी इस ओर गंभीर नहीं है। अगर यह लंबित भुगतान सरकार समय पर ले तो बिजली बोर्ड को पुरानी स्थिति पर लाया जा सकता है।

    कर्मचारियों की ये हैं मांगें

    सरकार ने अब 66केवी के सर्विस स्टेशन आदि एचपीटीसीएल को देने का सोच रही है, लेकिन सरकार इससे पहले कर्मचारियों को लेकर स्थिति स्पष्ट करे की पेंशनर्स किसके अधीन रहेंगे। उन्होंने साथ ही कहा कि सरकार 2019 के समझौते को भी न भूले।

    वहीं नवनियुक्त प्रधान के एस गुप्ता ने कहा कि हमारा एरियर सहित अन्य मांगें लंबित हैं और यह हमारा हक है। 12 नवंबर को सरकार के साथ बैठक है तथा उसमें सभी मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। अपना हक कर्मचारी लड़कर लेंगे।

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    ये हैं नई कार्यकारिणी में

    राज्य विद्युत बोर्ड पेंशनर्स फोरम की कार्यकारिणी में अध्यक्ष केएस गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुलदीप खरबाड़ा, उपाध्यक्ष रमेश शर्मा, रोशन लाल , अमरनाथ, पवन कुमार, शांति स्वरूप, दीप राज शर्मा। महासचिव चंद्र मंडयाल, एजीएस चेतराम शर्मा, जगमेल सिंह, प्रेस सचिव अमर सिंह, सलाहकार एलएस भाटिया, मुख्य सलाहकार डीएस चंदेल और पैटर्न एसएम कपूर को चुना गया।

    हिमाचल समोसे को लेकर राजनीति गर्म

    हाल ही में हिमाचल में समोसे को लेकर राजनीति गर्म है। दरअसल, CID मुख्यालय में 21 अक्तूबर को मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का एक कार्यक्रम आयोजित हुआ।

    इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री को परोसनें के लिए राज्य गुप्तचार विभाग ने शहर के एक नामी होटल से खानी-पीने की वस्तुएं रिफ्रेशमेंट के लिए मंगाई, लेकिन कार्यक्रम के दौरान यह वस्तुएं मुख्यमंत्री को परोसी ही नहीं गई। 

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