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    हिमाचल प्रदेश में पेंशनरों के 47,000 बंद खातों पर बड़ा अपडेट, सरकार ने दिया आखिरी मौका

    By Mukesh Kumar Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Sat, 14 Mar 2026 05:57 PM (IST)

    हिमाचल प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा विभाग ने 47,000 बंद पेंशन खातों को ई-केवाईसी के लिए 31 मार्च तक अंतिम मौका दिया है। मंडी में ही 12,000 ऐसे खाते हैं। ...और पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश में पेंशनरों के बंद खातों पर सरकार ने एक और मौका दिया है। प्रतीकात्मक फोटो

    हिमाचल प्रदेश में पेंशनरों के बंद खातों पर सरकार ने एक और मौका दिया है। प्रतीकात्मक फोटो

    HighLights

    1. 47,000 बंद पेंशन खातों को अंतिम मौका।

    2. ई-केवाईसी के लिए 31 मार्च तक समय।

    3. मंडी में 12,000 पेंशनरों को लाभ।

    जागरण संवाददाता, मंडी। हिमाचल प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा विभाग की ओर से बंद किए 47000 खातों के पेंशनरधारकों को एक और मौका दिया है। 31 मार्च तक इनको ई-केवाइसी करवानी होगी। अभी यह खाते अस्थायी रूप से क्रियान्वित रहेंगे और अगर तय समय तक ई-केवाइसी नहीं होती है तो इनको बंद कर दिया जाएगा। मंडी में ही 12000 ऐसे खाते हैं, जिनकी ई-केवाइसी नहीं हुई है।

    विभाग की ओर से करवाए सर्वे में करीब 1.28 लाख लोगों के सामाजिक सुरक्षा पेंशन खाते बंद कर दिए गए हैं। इसमें 44 हजार लोग तो ऐसे थे जो मृत हैं, जबकि छह हजार अपात्र थे, 47 हजार लोग ईकेवाइसी नहीं करवाई थी। अब कोई जरूरतमंद ई-केवाइसी के कारण परेशान न हो, इसलिए 47000 खाता धारकों को यह मौका दिया गया है। विभाग ने इस वित्तीय वर्ष की अंतिम पेंशन जारी करनी है।

    तो नए वित्तीय वर्ष में जारी हो जाएगी पेंशन

    इन 47000 खाता धारकों की यह पेंशन रोक दी गई है। अगर यह 31 मार्च तक ई-केवाइसी करवा लेते हैं तो उनको नए वित्तीय वर्ष में यह जारी हो जाएगी। तय समय के बाद जो खाते बेचेंगे, उनको बंद कर दिया जाएगा। बता दें कि विभिन्न प्रकार की सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जो 1000 रुपये से 1700 रुपये तक की मासिक पेंशन है, त्रैमासिक आधार पर लाभार्थियों के खातों में डाली जा रही है।

    मंडी के 12000 पेंशनर्स जिनके खातों की ई-केवाइसी नहीं हुई है, उनको 31 मार्च तक समय दिया गया है। तब तक इन खातों को अस्थायी रखा गया है। अगर 31 मार्च तक ई-केवाइसी लोग करवा लेते हैं तो नए वित्तीय वर्ष से पेंशन मिलेगी।
    -समीर, जिला कल्याण अधिकारी, मंडी।

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