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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 24, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    '...ये दिल मांगे मोर', IIT मंडी के स्थापना पर बोले राजनाथ सिंह; टेक्नोलॉजी और इनोवेशन पर दिया जोर

    Updated: Mon, 24 Feb 2025 01:26 PM (IST)

    IIT मंडी का (Foundation day of IIT Mandi) आज 16वां स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उन्हो ...और पढ़ें

    IIT मंडी के स्थापना दिवस में शामिल हुए राजनाथ सिंह (File Photo)
    IIT मंडी के स्थापना दिवस में शामिल हुए राजनाथ सिंह (File Photo)

    HighLights

    1. एयरक्राफ्ट के इंजन भी देश में ही बनेंगे- राजनाथ सिंह
    2. आईआईटी मंडी का आज मनाया जा रहा है 16वां स्थापना दिवस

    जागरण संवाददाता, मंडी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मंडी (IIT Mandi) का आज (24 फरवरी) 16 वां स्थापना दिवस समारोह मनाया जा रहा है। इस समारोह में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत कर रहे हैं।

    बता दें कि आईआईटी मंडी की स्थापना सन 2009 में हुई थी। आईआईटी मंडी के स्थापना दिवस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने टेक्नोलॉजी और इनोवेशन पर जोर दिया।

    ये मेरे लिए सौभाग्य है- राजनाथ सिंह

    आईआईटी मंडी के स्थापना दिवस कार्यक्रम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अपने पब्लिक जीवन में पहली बार किसी संस्थान के स्थापना दिवस पर पहली बार आया हूं। ये मेरा सौभाग्य है। उन्होंने कहा कि मैंने सोचा सामान्य कार्यक्रम होगा लेकिन यहां आकर कह सकता हूं कि मेरे लिए सरप्राइज है।

    राजनाथ सिंह ने कहा कि राजनीति में आने से पहले मैं फिजिक्स का टीचर था, पढ़ने के कमजोर नहीं था। जब यहां लोग मुझसे चर्चा के रहे थे तो मुझे अपने यूनिवर्सिटी की याद आ गई। एक टीचर हमेशा टीचर रहता है।

    मंडी के इतिहास पर कही ये बात

    रक्षा मंत्री ने कहा कि दुनिया में जिस स्थान पर आईआईटी मंडी को पहुंचाया उसके लिए आप स्वागत के योग्य हैं। यहां आने के लिए मैंने अपने कार्यक्रम स्थगित किए। अध्यात्म और तकनीक का मेल है ये संस्थान है। महाभारत काल से लेकर बोध काल तक मंडी, किसी न किसी रूप में जाना जाता है। ऐसे स्थान पर आईआईटी का होना, एक सिंबल है।

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    उन्होंने कहा कि शिक्षण संस्थान के लिए विजन विद्यार्थियों को राष्ट्र के लिए तैयार करना होता है। आईआईटी मंडी का विजन साइंस और टेक्नोलॉजी में लीडर बनना हैं । समाज के विकास के लिए इनोवेशन के लिए आइडिया को क्लियर करना जरूरी हैं । इसके लिए आईआईटी जरूरी है।

    टेक्नोलॉजी को अपनाने पर दिया जोर

    राजनाथ सिंह ने कहा कि 2024 ने 5.44 बिलियन लोग इंटरनेट का प्रयोग कर रहे थे। पूरे दुनिया भारत की टेक्नोलॉजी को अपना रही है। भारत की 300 बिलियन तक पहुंचने की संभावना है। 1.25 लाख स्टार्टअप, 10010 के साथ इको सिस्टम के साथ मर्ज होकर तीसरे नंबर पर देश है।

    उन्होंने कहा कि 2024 , में 245 लाख करोड़ के यूपीआई ट्रांजेक्शन हो रहे है। जो दुनिया में सबसे अधिक है। हम टेक्नोलॉजी को अपनाते है। हमारा देश नई तकनीक में नए आयान स्थापित कर रहा हैं। मेरा संदेश सभी आईआईटी के लिए है। रोबोटिक, ड्रोन, क्वांटम या अन्य तकनीकों में बहुत कुछ करने की संभावना, आप पीछे न हटे।

    '...ये दिल मांगे मोर'

    राजनाथ सिंह ने कहा कि पूत के पांव पालने में दिख जाते हैं। जो काम आईआईटी मंडी ने किया, उससे दिखता है कि इसका भविष्य उज्ज्वल है। मेडिटेशन टेक्नोलॉजी में और अधिक काम करने उम्मीद आईआईटी मंडी से है। आप रक्षा क्षेत्र में काम कर रहे है पर ये दिल मांगे मोर।

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