कीरतपुर-मनाली फोरलेन की सुरंगों के मुहानों पर दिखेगी हिमाचली परंपरा और पर्यटन स्थलों की झलक
कीरतपुर-मनाली फोरलेन की सुरंगों को हिमाचल की समृद्ध लोक-संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहरों के चित्रों से सजाया गया है। यह कलाकृति ...और पढ़ें

मनाली फोरलेन की टनल पर बनाई पेंटिंग। जागरण
HighLights
फोरलेन सुरंगों पर हिमाचल की लोक-संस्कृति के चित्र।
मंडी कलम शैली में राजेश कुमार ने किया चित्रण।
पर्यटकों को मिलेगी हिमाचल की समृद्ध परंपराओं की जानकारी।
विशाल वर्मा, पंडोह (मंडी)। यदि आप कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर सुहाने सफर का आनंद ले रहे हैं, तो अब आपको हिमाचल की वादियों के साथ-साथ यहां की समृद्ध लोक-संस्कृति के भी दर्शन होंगे। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने इस फोरलेन की सुरंगों के मुहानों को हिमाचल की पारंपरिक वेशभूषा, खान-पान और ऐतिहासिक धरोहरों के खूबसूरत चित्रों से सजाया है।
मंडी जिले की सीमा में बनी सुरंगों के प्रवेश द्वारों पर प्राचीन मंडी कलम शैली में चित्रकारी की गई है। इस कलाकृति को मंडी कलम के प्रसिद्ध कलाकार राजेश कुमार और उनकी टीम ने अपनी तूलिका (ब्रश) से जीवंत रूप दिया है।
चित्रों में दिख रही देव-संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता
सुरंगों के मुहानों पर बने यह चित्र पर्यटकों को बरबस ही अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। इन कलाकृतियों में अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा, मंडी शिवरात्रि महोत्सव, पराशर ऋषि की तपोस्थली, ऐतिहासिक राजशाही दौर के दृश्य, रंग-बिरंगे फूल तथा स्थानीय पशु-पक्षियों को खूबसूरती से दर्शाया गया है। कलाकार राजेश कुमार के अनुसार, इसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं को देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों तक पहुंचाना है।
अन्य स्थानों पर भी दिखेगा अनोखा रूप
एनएचएआइ के प्रोजेक्ट डायरेक्टर वरुण चारी ने बताया कि यह फोरलेन प्रोजेक्ट देश का गौरव है। पर्यटकों के सफर को यादगार बनाने के लिए सुरंगों पर चित्रकारी कराई गई है। आने वाले समय में राजमार्ग के अन्य प्रमुख स्थलों पर भी हिमाचली धरोहर को प्रदर्शित करने की योजना है।
90 प्रतिशत काम पूरा
कीरतपुर मनाली फोरलेन का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूरा होने से अब मनाली से चंडीगढ़ तक का सफर अत्यंत आरामदायक हो गया है। प्राकृतिक नजारों के बीच सुरंगों पर उकेरी गई यह कलाकृति इस सफर को और भी खास बना रही है।
