60 की स्पीड से दौड़ती गाड़ी का भी बिना रुके कटेगा टोल, कीरतपुर-मनाली हाईवे पर ANPR तकनीक देगी जाम से छुटकारा
कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर जल्द ही मौरा, टकोली और डोहलूनाला टोल प्लाजा बैरियर मुक्त होंगे, जिससे ANPR तकनीक से 60 किमी/घंटा की गति पर भी स्वचालित शुल्क कटेगा और जाम से राहत मिलेगी।

मनाली हाईवे पर बलोह स्थित टोल प्लाजा। जागरण आर्काइव
HighLights
मौरा, टकोली, डोहलूनाला टोल प्लाजा होंगे बैरियर मुक्त।
ANPR तकनीक से 60 किमी/घंटा पर स्वचालित टोल कटौती।
डयोड, हणोगी सुरंगें 15 सितंबर के बाद खुलेंगी, सफर सुगम।
जागरण संवाददाता, मंडी। कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर सफर करने वाले वाहन चालकों को जल्द ही जाम से राहत मिलने वाली है। फोरलेन पर स्थित चार में से तीन टोल प्लाजा मौरा, टकोली और डोहलूनाला को पूरी तरह बैरियर मुक्त करने की तैयारी है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने इस योजना को अंतिम स्वीकृति के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को प्रस्ताव भेज दिया है।
तीनों टोल बैरियर मुक्त होने से यहां 60 किलोमीटर की गति से गुजरने वाले वाहन का भी स्वचालित शुल्क कट जाएगा।बैरियर हटने से न केवल चालकों के समय और ईंधन की बचत होगी, बल्कि टोल प्लाजा पर लगने वाला लंबा जाम भी पूरी तरह खत्म हो जाएगा।
जिस गाड़ी में फास्टैग नहीं लगा होगा, उसका नंबर स्कैन करके ऑनलाइन चालान होगा, जो सीधे वाहन मालिक के मोबाइल पर या घर पहुंचेगा।
बैंक संभालेगा तीनों टोल का संचालन
प्रस्ताव मंजूर होते ही तीनों बैरियर मुक्त टोल प्लाजा का सीधा संचालन बैंक के हाथों में सौंप दिया जाएगा। इस नई व्यवस्था में सड़कों पर लगे कैमरे और आटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (एएनपीआर) सेंसर गाड़ियों के गुजरते ही फास्टैग और लिंक बैंक खाते से निर्धारित टोल शुल्क स्वयं काट लेंगे।
डोहलूनाला व टकोली में टैक्स वसूली होगी बहाल
मौरा टोल प्लाजा कैंची मोड़ कीरतपुर खंड पर स्थित है। टकोली मंडी जिले और डोहलूनाला कुल्लू जिले में स्थित है। वर्ष 2025 की प्राकृतिक आपदा के बाद से डोहलूनाला व टकोली में टोल टैक्स की वसूली बंद कर दी गई थी, जो अभी बहाल नहीं हुई है।
15 सितंबर के बाद खुलेंगी डयोड और हणोगी सुरंगें
फोरलेन परियोजना के तहत मंडी और कुल्लू जिले के बीच बन रही सुरंगों का काम भी अंतिम चरण में है। मंडी के डयोड और हणोगी क्षेत्र में निर्माणाधीन दाईं ओर की सुरंगों को 15 सितंबर के बाद वाहनों की आवाजाही के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा। डयोड में ढाई-ढाई किलोमीटर की लंबी सुरंगें बनकर तैयार हो चुकी है। हणोगी सुरंग की मरम्मत का काम चल रहा है।
सुगम होगा सफर
इन सुरंगों के शुरू होने से भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों से यात्रियों को सुरक्षा मिलेगी और मनाली-कुल्लू की ओर जाना और अधिक सुगम हो जाएगा। दवाड़ा फ्लाईओवर बंद होने से फिलहाल बायें ओर की सुरंगें नहीं खुलेंगी। सुरंगों के शुरू होने से एनएचएआइ पुराने चंडीगढ़ मनाली मार्ग को हणोगी के पास बंद कर देगा।
