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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Mandi News: सरकार ने जिला परिषद अभियंताओं को नौकरी से बर्खास्त करने के दिए आदेश, 20 दिनों से कर रहे थे हड़ताल

    By Jagran NewsEdited By: Nidhi Vinodiya
    Updated: Thu, 19 Oct 2023 05:50 PM (IST)

    पंचायती राज विभाग में विलय करने की मांग पर पिछले 20 दिन से हड़ताल पर बैठे जिला परिषद काडर के अधिकारियों व कर्मचारियों पर सरकार अब सख्त हो गई। सरकार ने ...और पढ़ें

    जिला परिषद अभियंताओं को नौकरी से बर्खास्त करने के दिए आदेश
    जिला परिषद अभियंताओं को नौकरी से बर्खास्त करने के दिए आदेश

    HighLights

    1. सभी जिलों के एडीसी को दिए आउटसोर्स से पद भरने के निर्देश
    2. तकनीकी सहायकों पर भी गिरेगी निलंबन की गाज,सरकार ने उठाया सख्त कदम
    3. सरकार ने हड़ताल पर उतरे कर्मचारियों को 18 अक्टूबर तक ड्यूटी पर लौटने का दिया था अल्टीमेटम
    4. पंचायती राज विभाग में विलय करने की मांग पर पिछले 20 दिन से हड़ताल पर जिला परिषद काडर के कर्मी

    जागरण संवाददाता, मंडी। पंचायती राज विभाग में विलय (Merge to Panchayati Raj) करने की मांग पर पिछले 20 दिन से हड़ताल (Workers On Strike from last 20 Days) पर बैठे जिला परिषद काडर के अधिकारियों व कर्मचारियों पर सरकार अब सख्त हो गई। सरकार ने 167 कनिष्ठ अभियंताओं को नौकरी से बर्खास्त करने के आदेश दिए हैं। सभी जिलों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (जिला परिषद) एवं अतिरिक्त उपायुक्तों को इनके स्थान पर आउटसोर्स से कनिष्ठ अभियंता के पद भरने के निर्देश दिए हैं।

    18 अक्टूबर तक हड़ताल खत्म करने का मिला था अल्टीमेटम 

    तकनीकी सहायकों और पंचायत सचिवों के विरुद्ध भी कार्रवाई करने को कहा गया है। इन पर निलंबन की गाज गिर सकती है। प्रशासन इन लोगों को पहले ही कारण बताओ नोटिस जारी कर चुका है। सरकार ने हड़ताल पर उतरे अधिकारियों व कर्मचारियों को 18 अक्टूबर तक अपनी ड्यूटी पर लौटने का अल्टीमेटम दिया था। लेकिन इस अल्टीमेटम की किसी ने परवाह नहीं की। 19 अक्टूबर को भी हड़ताल जारी रहने पर सरकार ने अब इनके विरुद्ध सख्त कदम उठाना शुरू कर दिए हैं।

    3400 अधिकारी हड़ताल पर 

    प्रदेश भर में जिला परिषद काडर के 3400 अधिकारी व कर्मचारी हड़ताल पर हैं। इससे मनरेगा और पंचायती राज संस्थाओं का काम बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। आपदा के बाद मनरेगा के कामों में तेजी आने से लोगों को बड़ी राहत मिली थी। हड़ताल के कारण पंचायतों में विकास कार्यों पर ग्रहण लगना शुरु हो गया है।

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    सरकार को कहा- हम किसी कार्रवाई से नहीं डरते

    सभी कर्मी अपने अपने जिला मुख्यालय में कलम छोड़ो हड़ताल पर बैठे हुए हैं। इधर,जिला परिषद अधिकारी एवं कर्मचारी महासंघ के मुख्य सलाहकार अमित जसरोटिया ने कहा कि सरकार जब तक उनकी विलय की मांग नहीं मानेगी,कमल छोड़ो हड़ताल जारी रहेगी। कर्मचारी सरकार की किसी कार्रवाई से डरने वाले नहीं है। उन्हाेंने वीरवार को मंडी में हड़ताल पर बैठे अधिकारियों व कर्मचारियों का हौसला बढ़ाया।

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    हड़ताल पर चल रहे जिला परिषद काडर के कर्मचारियों व अधिकारियों को 18 अक्टूबर तक ड्यूटी पर लौटने का अल्टीमेटम दिया गया था। आदेशों की अनदेखी करने पर 167 कनिष्ठ अभियंताओं को नौकरी से बर्खास्त कर आउटसोर्स से पद भरने के निर्देश दिए हैं।

    ऋग्वेद ठाकुर, निदेशक ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग हिमाचल प्रदेश