पिता के बाद बेटा भी देश सेवा के लिए आया आगे, मंडी का रतीश बना भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट
मंडी के धर्मपुर के रतीश ने अपने पिता सूबेदार कश्मीर सिंह के नक्शेकदम पर चलते हुए भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट का पद प्राप्त किया है। राष्ट्रपति द्रौपदी ...और पढ़ें

लेफ्टिनेंट रतीश माता व पिता के साथ।
HighLights
मंडी के रतीश बने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट।
पिता सूबेदार कश्मीर सिंह के पदचिन्हों पर चले।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रदान किया कमीशन।
सहयोगी, संधोल (मंडी)। पिता ने सूबेदार बनकर देश की सीमाओं की रक्षा की तो उनके पदचिन्हों पर चलकर अब बेटा लेफ्टिनेंट बनकर देश की सेवा करेगा। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला के धर्मपुर के बल्ह निवासी रतीश ने पिता कश्मीर सिंह के पदचिन्हों पर चलकर शनिवार को देहरादून में हुए दीक्षा समारोह में लेफ्टिनेंट का कमीशन प्राप्त किया।
रतीश के पिता कश्मीर सिंह भारतीय सेना से सूबेदार पद से सेवानिवृत्त हैं, जबकि माता पूनम देवी गृहिणी हैं। सैन्य पृष्ठभूमि वाले परिवार से आने वाले रतीश ने बचपन से ही सेना में अधिकारी बनने का सपना देखा और अपनी मेहनत व लगन से उसे साकार कर दिखाया।
सुजानपुर से ली प्रारंभिक शिक्षा
रतीश ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सैनिक स्कूल सुजानपुर टिहरा से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने जमा दो की पढ़ाई परमार्थ इंटरनेशनल स्कूल बैजनाथ से पूरी की।
पढ़ाई के दौरान ही हो गया चयन
शिक्षा के दौरान ही उनका चयन राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में हुआ, जहां उन्होंने तीन वर्ष का कठोर प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद एक वर्ष का सैन्य प्रशिक्षण देहरादून में पूरा किया। इसके बाद गत दिनों हुए दीक्षा समारोह में रतीश को भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट पद पर नियुक्ति मिली है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा उन्हें कमीशन प्रदान किया गया।
दादा-दादी भी पोते की सफलता से चहके
रतीश के दादा अमी चंद और दादी निर्मला देवी ने पोते के सेना में अधिकारी बनने पर गर्व और खुशी व्यक्त की। वहीं चाचा विपन कुमार, चाची निशा, भाई शिवम तथा क्षेत्र के लोगों ने भी उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। रतीश ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के मार्गदर्शन, अनुशासन, अथक मेहनत और निरंतर प्रोत्साहन को दिया है।