Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 09, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Mandi News: नाबालिग छात्र को कुकर्म मामले में चार साल बाद मिला न्याय, दोषी को कोर्ट ने सुनाई 20 साल की सजा

    By Jagran NewsEdited By: Deepak Saxena
    Updated: Mon, 09 Oct 2023 10:53 PM (IST)

    विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) मंडी के न्यायालय ने नाबालिग छात्र से कुकर्म मामले में चार साल बाद न्याय मिला है। कोर्ट ने नाबालिग छात्र से कुकर्म करने वाले ...और पढ़ें

    नाबालिग छात्र को कुकर्म मामले में चार साल बाद मिला न्याय
    नाबालिग छात्र को कुकर्म मामले में चार साल बाद मिला न्याय

    HighLights

    1. नाबालिग छात्र का लैंगिक उत्पीड़न करने के दोषी को 20 साल का कठोर कारावास
    2. न्यायालय ने विभिन्न धाराओं में दोषी पर लगाया 120500 रुपये का जुर्माना
    3. साक्ष्य के अभाव में दूसरा आरोपित बरी, पीड़ित छात्र को चार साल बाद मिला न्याय

    जागरण संवाददाता, मंडी। नाबालिग छात्र के साथ दुर्व्यवहार, पिटाई और लैंगिक उत्पीड़न करने के एक दोषी को विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) मंडी के न्यायालय ने पॉक्सो अधिनियम के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर एक लाख जुर्माना लगाया है।

    अप्राकृतिक संबंध बनाने के दोष में 10 साल का कठोर कारावास और 20,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जान से मारने की धमकी देने के दोष में दो साल का कठोर कारावास, पिटाई करने में एक साल कठोर कारावास की सजा और रास्ता रोकने के दोष में एक माह के कारावास के साथ 500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने पर दोषी को प्रत्येक धारा में दो साल से 6 माह तक का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा। इस मामले में दूसरे आरोपित का दोष सिद्ध न होने के कारण न्यायालय ने उसे बरी कर दिया है।

    डर के कारण छिपाई उत्पीड़न की बात

    बकौल जिला न्यायवादी मंडी विनोद भारद्वाज, 25अक्टूबर 2019 को पीड़ित के माता पिता ने पुलिस को शिकायत पत्र दिया था कि सातवीं कक्षा में पढ़ने वाले उनके बेटे के साथ दो लड़के दुर्व्यवहार, पिटाई व लैंगिक उत्पीडन करते हैं। एक माह में करीब 13-14 बार पीड़ित का उत्पीड़न किया गया था। उसे जान से मारने की धमकी दी थी। डर के मारे स्वजन से कई दिनों से यह बात छिपाता रहा।

    ये भी पढ़ें: Dharmshala News: राष्ट्रीय डाक सप्ताह शुरू, एक हफ्ते तक विभाग करेगा विभिन्न गतिविधियां आयोजित

    घर में मामला सुलझाने का बनाया था दबाव

    पीड़ित 25 अक्टूबर की सुबह जब अपने पिता के साथ जा रहा था तो उसने एक लड़के को देखकर उसका नाम पूछा, जो लड़का पीड़ित का उत्पीड़न करता था। पीड़ित के पिता ने उसका नाम राकेश उर्फ भोलू बताया। पीड़ित ने यह भी बताया कि 18 अक्टूबर 2019 को समय करीब पांच बजे भी उन्होंने उत्पीड़न किया था। दोनों लड़कों के स्वजन ने उनका रास्ता रोककर पत्थर व डंडे से मारा था। इससे शिकायतकर्ता के सिर व बाजू में चोट आई थी। बाद में मामला घर में सुलझाने का दबाव बनाया था। शिकायत के आधार पर थाना बल्ह में मामला दर्ज हुआ था।

    खबरें और भी

    न्यायालय के समक्ष 16 गवाहों के बयान कलमबद्ध

    मामले की छानबीन पूरी होने पर थानाधिकारी बल्ह ने न्यायालय में चालान दायर किया था। उक्त मामले में अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष 16 गवाहों के बयान कलमबद्ध करवाए थे। सरकार की तरफ से मामले की पैरवी लोक अभियोजक नवीना राही, चानन सिंह और नितिन शर्मा ने की। अभियोजन व बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने दोषी को उपरोक्त सजा सुनाई है।

    ये भी पढ़ें: Shimla News: बढ़ रही बादल फटने की घटनाएं, पता लगाने के लिए कंपनियों से लिए जाएंगे आवेदन