यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 16, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गजब! घर पर खड़ी स्कूटी का भी कट गया चालान, जब देखा ऑनलाइन बिल तो चकरा गया माथा
मंडी पुलिस की लापरवाही का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है जहां सुलह विधानसभा क्षेत्र के मैंझा निवासी रवि कपूर के घर पर खड़े स्कूटर का चालान काट दिया ग ...और पढ़ें

जागरण संवाद, भवारना। मंडी पुलिस की लापरवाही का एक और मामला सामने आया है। इसकी हर तरफ चर्चा होने लगी है। विधानसभा क्षेत्र के मैंझा निवासी रवि कपूर का बुधवार दोपहर को घर पर खड़ी स्कूटर का चालान काट दिया गया।
हैरानी की बात यह है कि जिस स्कूटर का चालान हुआ है, वो कई दिन से मालिक के घर पर खड़ी है और उस पर धूल जमी हुई है। रवि ने बताया कि उनका स्कूटर कई दिनों से उनके घर पर खड़ी है तथा चलने की हालत में भी नहीं है।
बुधवार दोपहर 12: 30 बजे उनके मोबाइल फोन नंबर पर संदेश आया कि जिला मंडी के धारबग्गी में 1500 रुपये का चालान कटा है। यह सरासर गलत चालान काटा गया है तथा इसकी जांच होनी चाहिए। हालांकि मंडी पुलिस का यह पहला कारनामा नहीं है।
इससे पहले भी उपतहसील परिसर सुलह में खड़ी बाइक का मंडी में चालान किया गया था। जब बाइक के मालिक मेहर चंद ने मंडी पुलिस से सवाल किया तो उन्हें जवाब मिला था कि नियमों की अवहेलना करने पर यहां पर दोपहिया वाहन चालक भागा था।
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इस केस से संबंधित जोगेंद्रनगर पुलिस थाने के पुलिस अधिकारी से सारी जानकारी ली गई है। क्लेरिकल मिस्टेक की वजह से यह सब हुआ है। इस गलती में सुधार किया गया है। अब रवि कपूर को चालान नहीं भरना पड़ेगा।
-साक्षी वर्मा, पुलिस अधीक्षक जिला मंडी।
जानिए कैसे हुई इतनी बड़ी लापरवाही
जिस स्कूटी का उन्होंने चालान काटा था, जांच करने पर यह सामने आया कि जिला मंडी में कुछ वाहनों पर नकली नंबर प्लेट का इस्तेमाल हो रहा है। मेहर चंद ने बताया कि वह पुलिस से इस पर उचित कार्रवाई करने की मांग कर चुके हैं।
एक अक्षर गलत होने पर कटा गलत चालान यह चालान एचएससी रणजीत ने काटा है जो एक अक्षर न लिखने की वजह से गलत पत्ते पर चला गया। दरअसल रवि कपूर का स्कूटर का नंबर एचपी-37-5252 है।
जिस बाइक वाहन का चालान हुआ है, उसका नंबर एचपी-37 एफ-5252 है। हालांकि बाद में पुलिस ने इस गलती सुधार लिया है और रवि कपूर को चालान देने की जरूरत नहीं है। यह चालान बाइक मालिक से वसूला जाएगा। इसके बाद रवि ने राहत की सांस ली। ऑनलाइन चालान देख रवि के होश उड़ गए थे।