'यह समाधान नहीं, सामाजिक नुकसान है...', BJP सांसद अनुराग ठाकुर ने सुक्खू सरकार से लॉटरी पर रोक लगाने की मांग की
पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश में लॉटरी टेंडर तत्काल वापस लेने की मांग की है, उनका कहना ...और पढ़ें

हिमाचल में लॉटरी टेंडर वापस लेने की अनुराग ठाकुर की मांग।
HighLights
अनुराग ठाकुर ने हिमाचल में लॉटरी टेंडर वापसी की मांग की
लॉटरी से सामाजिक नुकसान बढ़ेगा, आर्थिक समस्या हल नहीं होगी
राजस्व के लिए जीएसटी अनुपालन, डिजिटल व्यवस्था मजबूत करने का सुझाव
जागरण संवाददाता, शिमला। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने हिमाचल प्रदेश में लॉटरी शुरू करने के लिए जारी टेंडर तत्काल वापस लेने की मांग की है।
उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को पत्र लिखकर कहा कि लॉटरी से प्रदेश की आर्थिक समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि सामाजिक नुकसान बढ़ सकता है। ठाकुर ने कहा कि हिमाचल में 1999 में तत्कालीन धूमल सरकार ने लॉटरी पर रोक लगाई थी।
वर्ष 2007 में वीरभद्र सिंह सरकार ने भी इसे दोबारा प्रतिबंधित किया। इसके बाद विभिन्न सरकारों ने दो दशक से अधिक समय तक इस रोक को कायम रखा। उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक नहीं, बल्कि प्रदेश के लोगों के अनुभवों पर आधारित सहमति है।
उन्होंने ऑनलाइन लॉटरी को लेकर भी चिंता जताई। प्रस्तावित व्यवस्था में प्रतिदिन 12 ड्रॉ और तीन बंपर ड्रॉ का प्रावधान है। इससे लॉटरी मोबाइल फोन तक पहुंच जाएगी और इसका असर निम्न व मध्यम आय वर्ग के परिवारों पर पड़ सकता है।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि प्रदेश पर करीब 1.10 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है, लेकिन लॉटरी से करीब 100 करोड़ रुपये सालाना आय का अनुमान है। उन्होंने लॉटरी के बजाय जीएसटी अनुपालन और डिजिटल व्यवस्था मजबूत कर अतिरिक्त राजस्व जुटाने का सुझाव दिया। उन्होंने मुख्यमंत्री से टेंडर रद कर लॉटरी की योजना पूरी तरह वापस लेने का आग्रह किया।
