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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 18, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

शिमला मिर्च की फसल में वायरस का कहर, चौपाल के किसानों को करोड़ों के नुकसान पर क्यों बेबस कृषि विभाग?

Published: Thu, 18 Sep 2025 02:52 PM (IST)

शिमला मिर्च की फसल में वायरस फैलने से चौपाल के किसान परेशान हैं। 40-45 हेक्टेयर जमीन में वायरस से फसल ...और पढ़ें

शिमला मिर्च में लगी बीमारी ने तोड़ी किसानों की कमर, आर्थिकी पर पड़ा असर (फोटो: जागरण)
शिमला मिर्च में लगी बीमारी ने तोड़ी किसानों की कमर, आर्थिकी पर पड़ा असर (फोटो: जागरण)

HighLights

  1. 40-45 हेक्टेयर जमीन में वायरस से फसल प्रभावित
  2. किसानों को हुआ करोड़ों रुपये का नुकसान
  3. शिमला मिर्च में फैला लाइलाज मोजैक वायरस

क्षितिज सूद, नेरवा। शिमला मिर्च की फसल एक लाइलाज बीमारी की चपेट में आ गई है जिसने शिमला मिर्च की खेती करने वाले सैंकड़ों किसानों की आर्थिक रूप से कमर तोड़ कर रख दी है। कृषि विभाग के विशेषज्ञ चौपाल लायक राम हेटा ने बताया कि इस वर्ष चौपाल उपमंडल में लगभग 1300 किसानों की ओर से 70 से 80 हेक्टेयर जमीन में शिमला मिर्च की फसल लगाई गई है।

जिससे तीस से चालीस टन उत्पादन का अनुमान था, परंतु 40-45 हेक्टेयर जमीन में वायरस फैलने से फसल बुरी तरह प्रभावित हो चुकी है। कृषि अधिकारियों के अनुसार शिमला मिर्च में फैले मोजैक और चिल्ली लीफ कर्ल वायरस का कोई इलाज नहीं है। इससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। इस इस वर्ष फसल तैयार होने से ठीक पहले पौधों में कोई वायरस आने से पौधे सिकुड़ने शुरू हो गए है।

झिकनीपुल के जड़ाना गांव के निवासी युवा किसान विशाल चौहान ने बताया कि वह हर साल शिमला मिर्च की फसल लगाते है और कृषि ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है। इस वर्ष भी उन्होंने आठ हजार पौधे लगाए थे, जिस पर अभी तक उनका दो लाख रुपये के करीब खर्च हो चुका है।

लेकिन इस वर्ष शिमला मिर्च की फसल वायरस की चपेट में आ गई है इससे भारी नुकसान हो गया है। इस दौरान पौधों को लगाने का खर्च भी नहीं निकल पाया है। ऐसी ही स्थिति अन्य किसानों को भी झेलनी पड़ रही है।

वहीं बीते कुछ वर्षों से किसानों ने नदी किनारे व कम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में परंपरागत फसलें उगाना छोड़ कर बेमौसमी सब्जियों की खेती करना शुरू कर दिया है। क्योंकि इससे उनकी आर्थिक स्थिति काफी बेहतर हो गई है। निचले क्षेत्रों में बड़ी संख्या में किसान हर साल शिमला मिर्च की फसल लगाते हैं।

प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी किसानों ने बड़ी संख्या में शिमला मिर्च के पौधे लगाए है, परंतु उनकी इस वर्ष की फसल एक लाइलाज बीमारी की चपेट में आ गई है। इससे किसानों का करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया है।

कृषि विभाग विशेषज्ञ लायक राम हेटा ने कहा कि चौपाल उपमंडल के अधिकांश क्षेत्र में शिमला मिर्च में चिल्ली लीफ कर्ल और मोजैक वायरस फैल चुका है। इस वायरस से शिमला मिर्च के फलों में अकड़न और सड़न शुरू हो जाती है, पत्तों में काले धब्बे आने के साथ पीले होने शुरू हो जाते है व इनका आकार छोटा हो जाता है। एक पौधे के वायरस की चपेट में आने पर सफेद मक्खियां तेजी से इस वायरस को पूरी फसल में फैला कर तबाह कर देती है।

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