Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 12, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Himachal Flood: चौपाल में बादल फटा, 8 जिलों में बाढ़ और भूस्खलन की चेतावनी; 17 तक भारी बारिश का येलो अलर्ट

    Updated: Mon, 12 Aug 2024 07:34 AM (IST)

    Himachal Flood हिमाचल प्रदेश में बारिश का सिलसिला अभी भी जारी है। चौपाल में बादल फटा और आठ जिलों में बाढ़ और भूस्खलन की चेतावनी जारी है। मौसम विभाग ने ...और पढ़ें

    Himachal Floods: हिमाचल में बारिश का सिलसिला बरकरार
    Himachal Floods: हिमाचल में बारिश का सिलसिला बरकरार

    HighLights

    1. सेब की 200 पेटियां व 800 से ज्यादा पौधे पानी में बहे
    2. लगातार हो रही भारी बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा

    राज्य ब्यूरो, शिमला। Himachal Floods: हिमाचल प्रदेश के सभी जिलों में पहली बार मानसून की भारी वर्षा हुई। पिछले चौबीस घंटों से राज्य के अधिकांश हिस्सों में वर्षा का क्रम बना हुआ रहा। मौसम विभाग ने 17 अगस्त तक राज्य के सभी भागों में भारी वर्षा होने का यलो अलर्ट जारी किया है। आज शिमला जिला के चौपाल में बादल फटा, गोदाम में रखीं सेब की 200 पेटियां व सेब के 800 से ज्यादा पौधे बहे।

    फोरलेन का सौ मीटर का हिस्‍सा धंसा

    कांगड़ा जिला में रानीताल के पास फोरलेन का लगभग सौ मीटर हिस्सा धंसा। एक तरफ से यातायात जारी है। फोरलेन का मलबा नीचे पठानकोट-जोगेंद्रनगर रेललाइन पर जा गिरा। इससे रेललाइन को भी नुकसान। ट्रेनें पहले से बंद हैं। सिरमौर जिला में सबसे अधिक वर्षा। नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा। मौसम विभाग ने लोगों को नदी-नालों व भूस्खलन वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी। मंडी के नौ मील में कीरतपुर-मनाली फोरलेन बंद।

    पांवटा साहिब का राष्ट्रीय राजमार्ग भूस्खलन के कारण बंद

    सिरमौर का पांवटा साहिब-शिलाई-गुम्मा राष्ट्रीय राजमार्ग भूस्खलन के कारण बंद। प्रदेश में 137 सड़कें बाधित हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के आठ जिलों बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, किन्नौर, मंडी, शिमला, सिरमौर व सोलन जिलों के कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने से बाढ़ आने की संभावना व्यक्त की है। इन जिलों में जिला प्रशासन ने पर्यटकों व स्थानीय लोगों से नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी है। ऐसे में कई स्थानों पर भू-स्खलन होने की भी संभावना रहेगी।

    यह भी पढ़ें: Himachal Rain: शिमला में बादल फटने से भारी नुकसान, बागवानों की साल भर की मेहनत कुछ घंटों में ध्वस्त, भूस्खलन से जन-जीवन बेहाल

    ऊना व नाहन में सबसे अधिक पानी बरसा

    प्रदेश में ऊना और नाहन में सबसे अधिक वर्षा हुई। पिछले चौबीस घंटों के दौरान ऊना में 221, नाहन, 209.2, कांगड़ा में 101, धौलाकुआं में 169, पालमपुर में 82, पावंटा-साहिब में 110.6, देहरा गोपीपुर में 74.3, बिलासपुर में 68 मिमी वर्षा हुई। इसके अतिरिक्त राज्य के सभी स्थानों पर पांच मिमी से लेकर तीस मिमी वर्षा होने की जानकारी सामने आई है।

    खबरें और भी

    राज्य आपातकालीन केंद्र

    राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में कुल 137 सड़कों पर यातायात बाधित हुआ है। 24 ट्रांसफार्मर बाधित होने से बिजली की समस्या खड़ी हुई है। इसके अतिरिक्त 56 पेयजल योजनाएं बाधित रहने से लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है। सिरमौर जिला में 42, मंडी जिला में 29, शिमला जिला में 17, कांगड़ा व जनजातीय किन्नौर जिला में 5-5 सड़कें लाहुल-स्पीति जिला में एक सड़क पर यातायात बाधित हुआ है।

    यह भी पढ़ें: Himachal Flood: हिमाचल में भारी तबाही, बारिश और भूस्खलन से 288 सड़कें बंद, 100 से अधिक लोगों की हो चुकी है मौत