विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

हिमाचल विधानसभा में राष्ट्रगान और वंदे मातरम् पर 28 मिनट तक तीखी तकरार के बाद गतिरोध थमा, भाजपा का अटैची प्रदर्शन

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Mon, 24 Aug 2026 11:52 AM (IST)Updated: Mon, 24 Aug 2026 05:56 PM (IST)

हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत को लेकर सत्तापक्ष-विपक्ष में 28 मिनट तक तीखी तकरार हुई, जिसके बाद विपक्ष ने वॉकआउट किया।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा परिसर में अटैची लेकर प्रदर्शन करते भाजपा विधायक। जागरण

हिमाचल प्रदेश विधानसभा परिसर में अटैची लेकर प्रदर्शन करते भाजपा विधायक। जागरण

HighLights

  1. विधानसभा में राष्ट्रगान-राष्ट्रगीत पर 28 मिनट तीखी तकरार।

  2. विपक्ष ने राष्ट्रगान क्लिपिंग मांगी, फिर वॉकआउट किया।

  3. भाजपा ने 'अटैची प्रदर्शन' कर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।

जागरण टीम, शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन की कार्यवाही सोमवार को दोपहर 2 बजे से शुरू हुई। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। लगभग 28 से 30 मिनट तक सदन में भारी नोकझोंक और गतिरोध की स्थिति बनी रही, जिसमें दोनों पक्षों के बीच तीखे आरोप-प्रत्यारोप हुए। विपक्ष ने वाकआउट कर दिया। कुछ देर बाद विधायक सदन में आ गए। गतिरोध समाप्त होने के बाद मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन में प्रश्नकाल के साथ-साथ शून्यकाल व अन्य मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

प्रश्नकाल से पहले विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया से राष्ट्र गान के दौरान सदन की वीडियो क्लिपिंग उपलब्ध करवाने की मांग को लेकर विपक्ष ने नारेबाजी की। इसके बाद विपक्ष वाकआउट कर गया। विपक्ष के वाकआउट के दौरान सदन में प्रश्नकाल जारी रहा।

भाजपा का अटैची प्रदर्शन

इससे पहले सदन में जाने से पूर्व भाजपा विधायक दल ने अटैची लेकर प्रदर्शन किया। भाजपा ने दिल्ली में अटैची में पैसे पहुंचाने का आरोप लगाया। 


आरंभ राष्ट्रगान और समापन राष्ट्रगीत से होगा

इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने सदन में व्यवस्था दी कि हिमाचल विधानसभा की कार्यवाही का आरंभ राष्ट्र गान और समापन राष्ट्र गीत के साथ होगा और समापन के मौके पर पूरा राष्ट्र गीत गाया जाएगा। उन्होंने कहा कि संसद से राष्ट्र गीत को लेकर पारित कानून में यह नहीं कहा गया है कि राष्ट्र गीत पहले गाया जाए। उन्होंने कहा कि विधानसभा की अपनी परंपराएं और नियम हैं। सदन इन्हीं से चलेगा।

विधानसभा अध्यक्ष ने विपक्ष की राष्ट्र गान के दौरान की क्लिपिंग उपलब्ध करवाने की मांग को लेकर कहा कि इस बारे में अभी अंतिम फैसला नहीं लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन में राष्ट्रगान के वक्त सभी सदस्य खड़े थे।

राष्ट्रगान के अपमान का गंभीर आरोप बर्दाश्त नहीं कर सकते

इससे पूर्व, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सदन में राष्ट्र गान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सत्ता पक्ष की ओर से विपक्ष पर राष्ट्रगान के अपमान का गंभीर आरोप लगाया गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक दल इसे बर्दाश्त नहीं कर सकता। लिहाजा पार्टी के विधायकों ने विधानसभा सचिव को लिखित तौर पर राष्ट्र गान की क्लिपिंग उपलब्ध करवाने की मांग की है। उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष से वायदे के मुताबिक इस बारे व्यवस्था देने की बात सदन में कही।

हर्षवर्धन चौहान बोल, विपक्ष की मंशा बाहर जाने की

इस पर संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि विपक्ष की मंशा सदन से बाहर जाने की है। उन्होंने कहा कि मानसून सत्र के पहले दिन भाजपा विधायक विपिन परमार राष्ट्र गान के बाद राष्ट्र गीत के गाने की जिद्द पर अड़ गए। संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि विधानसभा के अपने नियम हैं और अध्यक्ष की व्यवस्था दिए जाने के बाद भी विपक्ष अपनी मांग पर अड़ा रहा है।

हम एक ही भावना रखते हैं : डिप्टी सीएम

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सदन में वीडियो चलाकर दिखाने की कोई परंपरा नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और देश के लोग राष्ट्र गान और राष्ट्र गीत को लेकर एक ही भावना रखते हैं। उन्होंने कहा कि सत्र के पहले दिन सदन में राष्ट्र गान के गायन के बाद विपक्ष ने जिस तरीके से राष्ट्र गीत का आग्रह किया, उससे आदर की भावना नदारद प्रतीत हो रही थी। उन्होंने कहा कि राष्ट्र गान, राष्ट्र गीत, राष्ट्रीय ध्वज और संविधान- सभी को इसका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त को प्रदेश में सभी उन सभी जगहों पर, जहां-जहां मंत्रियों के कार्यक्रम हुए, वहां राष्ट्र गीत का गायन भी हुआ है। सदन में विधानसभा अध्यक्ष का फैसला सर्वोपरि है।

प्रश्नकाल के बाद लौटा विपक्ष

इस बीच विपक्ष के सदस्य सदन में लगातार नारेबाजी करते रहे और विधानसभा अध्यक्ष से उन्हें वीडियो क्लिपिंग उपलब्ध करवाने की मांग करते रहे। इसके बाद सदन में विधानसभा अध्यक्ष ने प्रश्नकाल शुरू कर दिया। लेकिन विपक्ष के सदस्य नारेबाजी करते रहे और कुछ देर बाद सदन से बाहर चले गए और प्रश्नकाल की समाप्ति से कुछ समय पहले वापस सदन में लौट भी गए।

दो दिन न के बराबर काम

सोमवार को कार्यवाही शुरू होने से पहले सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी भाजपा रणनीति को अंतिम रूप देंगे। सदन में सत्र के पहले दो दिन में कामकाज नहीं हो पाया है। पहले दिन सदन की कार्यवाही 10 मिनट में स्थगित करनी पड़ी, जबकि दूसरे दिन भी विधायी कामकाज नहीं हुआ था।

यह भी पढ़ें: विधानसभा से शिमला रिज पर पहुंचा वंदे मातरम् संग्राम, भाजपा विधायकों का सामूहिक गायन; महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरना