हिमाचल प्रदेश के युवाओं में बीएड कोर्स के लिए कम हो रही रुचि, एक हजार से ज्यादा सीटें अभी भी खाली
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से संबद्ध बीएड कॉलेजों में एक हजार से ज्यादा सीटें खाली रह गई हैं, जो युवाओं की बीएड कोर्स में घटती रुचि का संकेत है।

हिमाचल प्रदेश में बीएड की एक हजार से ज्यादा सीटें खाली रह गई हैं। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
दो दिन में 1666 बीएड सीटों पर हुए दाखिले।
हिमाचल में बीएड की 1021 सीटें अब भी खाली।
विश्वविद्यालय प्रशासन खाली सीटों पर लेगा अगला निर्णय।
जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से संबद्ध बीएड कॉलेजों में सीटें भरने की कवायद के बीच दो दिन में 1666 दाखिले हुए हैं। इसके बावजूद प्रदेश में बीएड कॉलेजों में प्रवेश की रुचि कम होती दिख रही है। अब भी 1021 सीटें खाली रहने की स्थिति बनी हुई है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से सीटों को भरने के लिए अब तक हरसंभव प्रयास किए जा चुके हैं।
प्रवेश परीक्षा न देने वालों को भी दिया मौका
वीरवार को उन अभ्यर्थियों को भी काउंसिलिंग में शामिल होने का अवसर दिया, जिन्होंने बीएड की प्रवेश परीक्षा नहीं दी थी। ऐसे में एक ही दिन में करीब 1300 सीटों पर दाखिले हुए। इससे एक दिन पहले प्रवेश परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर हुई काउंसिलिंग में महज 366 सीटें ही भर पाई थीं।
5600 बीएड सीटें
प्रदेश में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के अधीन करीब 5600 बीएड सीटें हैं। इनको हर वर्ष भरना विश्वविद्यालय प्रशासन और बीएड कालेजों के लिए चुनौती बना रहता है। इस बार भी कई चरणों में काउंसिलिंग करने के बावजूद सभी सीटों पर दाखिले नहीं हो पाए।
क्या कोई निर्णय लेगा विवि प्रशासन
1021 सीटें खाली रहना इस बात का संकेत है कि बीएड में दाखिले को लेकर अभ्यर्थियों की रुचि और उपलब्ध सीटों के बीच अभी भी अंतर बना हुआ है। आने वाले दिनों में विश्वविद्यालय प्रशासन खाली सीटों को लेकर अगला निर्णय ले सकता है। हालांकि, काउंसिलिंग के अंतिम चरण में बड़ी संख्या में दाखिले होने से कालेजों को कुछ राहत जरूर मिली है।
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