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'BDC व जिला परिषद की एक दिन की अहमियत का बयान जनमत का अपमान', बिंदल बोले- जनता CM को माफ नहीं करेगी

By Rohit Nagpal Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sat, 06 Jun 2026 04:07 PM (IST)

हिमाचल भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा जिला परिषद और बीडीसी प्रतिनिधियों पर की गई ...और पढ़ें

हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल। जागरण आर्काइव

हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. मुख्यमंत्री सुक्खू की टिप्पणी पर भाजपा अध्यक्ष बिंदल ने निंदा की।

  2. कहा, यह बयान जनमत और लोकतंत्र का अपमान है।

  3. कांग्रेस की मानसिकता उजागर हुई, जनता माफ नहीं करेगी।

जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू द्वारा जिला परिषद और बीडीसी प्रतिनिधियों को लेकर की गई टिप्पणी की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने बयान से प्रदेश के हजारों निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और उन्हें चुनने वाले लाखों मतदाताओं का अपमान किया है। यह बयान न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान की भावना के भी विपरीत है। 

बयान जनमत व लोकतंत्र का अपमान

जिला परिषद सदस्य, बीडीसी सदस्य, पंचायत प्रतिनिधि और अन्य स्थानीय निकायों के निर्वाचित सदस्य जनता द्वारा लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत चुने जाते हैं। एक-एक जिला परिषद सदस्य 20 से 25 हजार मतदाताओं के बीच से जीतकर आता है और जनता के विश्वास का प्रतिनिधित्व करता है।

ऐसे प्रतिनिधियों के बारे में यह कहना कि उनकी केवल एक दिन की अहमियत है, लोकतंत्र और जनमत दोनों का अपमान है। 

सीएम के बयान से कांग्रेस की मानसिकता उजागर

मुख्यमंत्री के इस बयान ने कांग्रेस पार्टी की वास्तविक मानसिकता को उजागर कर दिया है। कांग्रेस हमेशा से ग्रामीण क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों को कमतर आंकती रही है और अब मुख्यमंत्री के बयान से यह स्पष्ट हो गया है कि उनके मन में पंचायतों, जिला परिषदों और बीडीसी प्रतिनिधियों के प्रति कितना अनादर और उपेक्षा का भाव है।

हर प्रतिनिधि सम्मान का पात्र

डॉ. बिंदल ने कहा कि लोकतंत्र में जनता द्वारा चुना गया प्रत्येक प्रतिनिधि सम्मान का पात्र होता है। संविधान ने स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को विशेष महत्व दिया है और इन्हीं संस्थाओं के माध्यम से गांव और स्थानीय स्तर पर विकास की योजनाएं आगे बढ़ती हैं। ऐसे प्रतिनिधियों को अपमानित करना लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करने का प्रयास है।

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