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    हिमाचल का राजस्व घाटा अनुदान बंद होने से पहाड़ी राज्य की कितनी मुश्किलें बढ़ेंगी, विशेषज्ञों की क्या है राय?

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Mon, 02 Feb 2026 11:28 AM (IST)

    केंद्रीय बजट में ईको-टूरिज्म और हिमालयी ट्रेल्स को बढ़ावा मिलने से हिमाचल को लाभ होगा, लेकिन राजस्व घाटा अनुदान (RDG) समाप्त होने से वित्तीय चुनौतियां ...और पढ़ें

    सेवानिवृत्त मुख्य सचिव श्रीकांत बाल्दी और पूर्व आईएएस अधिकारी केआर भारती। जागरण आर्काइव

    सेवानिवृत्त मुख्य सचिव श्रीकांत बाल्दी और पूर्व आईएएस अधिकारी केआर भारती। जागरण आर्काइव

    HighLights

    1. राजस्व घाटा अनुदान समाप्त होने से हिमाचल की वित्तीय चुनौतियां बढ़ेंगी।

    2. ईको-टूरिज्म और हिमालयी ट्रेल्स से पर्यटन व रोजगार को बढ़ावा।

    3. आधारभूत ढांचे का विकास और ग्रामीण कनेक्टिविटी में सुधार होगा।

    जागरण टीम, शिमला। केंद्रीय बजट में ईको-टूरिज्म को अधिक प्रोत्साहन देने और हिमालयी क्षेत्रों के लिए नए ट्रेल्स तथा आधारभूत ढांचे के विकास के लिए बजट में वृद्धि से हिमाचल प्रदेश को महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त होगा। हालांकि, राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) के समाप्त होने से राज्य की वित्तीय चुनौतियां बढ़ेंगी।

    तीन मुख्यमंत्रियों प्रेम कुमार धूमल, वीरभद्र सिंह और जयराम ठाकुर की सरकार में आठ बजट तैयार करने वाले सेवानिवृत्त मुख्य सचिव श्रीकांत बाल्दी ने स्पष्ट किया कि आरडीजी के समाप्त होने से हिमाचल की मुश्किलें बढ़ेंगी। पहाड़ी राज्यों की सीमित राजस्व संभावनाएं होती हैं, और उन्हें वेतन, पेंशन तथा सामाजिक क्षेत्रों पर अधिक खर्च करना पड़ता है।

    उन्होंने प्रशासनिक अनुभव के आधार पर केंद्र से पहाड़ी राज्यों की विशेष भौगोलिक और आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सहायता तंत्र बनाए रखने का आग्रह किया।

    पर्यटन को मिलेगी मजबूती 

    पर्यटन, सड़क, ट्रैकिंग रूट, पर्यावरण अनुकूल परियोजनाओं और ग्रामीण कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि हिमाचल की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका है। ईको-टूरिज्म और हिमालयी क्षेत्रों में नए ट्रेल्स के विकास से स्थानीय युवाओं को गाइड, होम-स्टे, ट्रैकिंग और एडवेंचर गतिविधियों में रोजगार मिलेगा। इससे पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और दुर्गम क्षेत्रों तक पर्यटकों की पहुंच आसान होगी। 

    आधारभूत ढांचा विकसित होगा

    बजट में वृद्धि से आधारभूत ढांचे के विकास में सहायक होगा, जिसमें सड़कें, पुल, जल आपूर्ति और शहरी-ग्रामीण सुविधाएं शामिल हैं। इससे आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण और भविष्य की आपदाओं से निपटने की क्षमता भी मजबूत होगी।

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    गांव का विकास होगा

    मनरेगा के स्थान पर विकसित भारत कार्यक्रम (वीबी जीरामजी) के तहत बजट को 86 हजार करोड़ रुपये से बढ़ाकर 95 हजार करोड़ रुपये करने से लाभ होगा।

    आरडीजी के बजाय कोई अन्य फार्मूला आ सकता है : केआर भारती


    सेवानिवृत्त आइएएस अधिकारी केआर भारती का कहना है कि माउंटेन ट्रेल की घोषणा हिमाचल में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देगी। प्रदेश प्रदेश ईको टूरिजम की कई संभावनाएं हैं। प्रदेश सरकार के साधन सीमित हैं, केंद्र सरकार की सहायता राज्य को आर्थिक संबल प्रदान करेगी। प्रदेश में ट्रैकिंग के नए रूट विकसित होंगे और पुराने ट्रैकिंग रूटों का सुधार होगा। 

    एमएसएमई जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए नई उम्मीद जगी है। इसमें केवल रोजगार पाने वाला ही नहीं बल्कि रोजगार देने वाला बनाने का प्रविधान दिख रहा है। इस तरह से बजट के अनुसार युवाओं के लिए कई तरह के अवसर बढ़ेंगे। केंद्रीय करों में राज्यों का हिस्सा वित्त आयोग ने पहले की तरह 41 प्रतिशत ही रखा गया है। इसमें कोई इजाफा या घटाव नहीं हुआ है। 

    यह बात सही है कि राज्यों की केंद्र पर निर्भरता अधिक है, इसलिए ऐसी उमीद की जा रही थी कि इसे थोड़ा बढाया जाएगा। वित्त आयोग ने राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) की सिफारिश नहीं की है लेकिन कोई अन्य फार्मूला तैयार किया होगा जिसे अध्ययन के बाद ही पता चल पाएगा। 

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