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हिमाचल में पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकेंगे चिट्टा तस्कर, कैबिनेट ने लिया बड़ा फैसला; संशोधन विधेयक होगा पेश

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Updated: Mon, 23 Mar 2026 02:18 PM (IST)

हिमाचल कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। अब चिट्टे से जुड़े मामलों में आरोपी व्यक्ति पंचायत चुनाव नहीं लड़ पाएंगे, भले ही वे दोषी न ठहराए गए हों। यह नियम आगामी पंचायत चुनावों में लागू होगा।

हिमाचल प्रदेश कैबिनेट ने कई अहम निर्णयों पर मुहर लगाई है।

हिमाचल प्रदेश कैबिनेट ने कई अहम निर्णयों पर मुहर लगाई है।

HighLights

  1. चिट्टे के आरोपी पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।

  2. ग्राम सभा का कोरम एक चौथाई से बढ़ाकर 1:10 किया।

  3. सीबीएसई स्कूलों का अलग कैडर, मेडिकल कॉलेजों में इंटर कॉलेज।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगी। कैबिनेट ने फैसला लिया कि जिनके खिलाफ भी चिट्टे (सिंथेटिक ड्रग) के मामले दर्ज हैं या चिट्टे से संबंधित मामले की चार्जशीट कोर्ट में फाइल हो चुकी है, वह पंचायत चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। चिट्टे के मामले में भले ही दोषी करार नहीं दिया गया हो, वह भी चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।

इस संबंध में मंत्रिमंडल ने अपनी मंजूरी दे दी है। हालांकि मादक पदार्थ निषेध अधिनियम के तहत अन्य मामलों के आरोपितों को बाहर रखा गया है।

पंचायत चुनाव में लागू होगा फैसला

इस संबंध में हिमाचल प्रदेश विधानसभा में विधेयक पेश कर उसे राज्यपाल की मंजूरी मिलते ही वर्तमान पंचायत चुनाव में लागू कर दिया जाएगा। प्रदेश में पहली बार इस तरह की व्यवस्था को लागू किया जा रहा है। 

पंचायत चुनाव को लेकर चल रही है तैयारी 

प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं की त्रिस्तरीय प्रणाली में चुनाव करवाने के लिए इन दोनों परिसीमन की प्रक्रिया के साथ-साथ मतदाता सूचियां को तैयार करने की प्रक्रिया और आरक्षण रोस्टर को तैयार किया जा रहा है। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार 31 मई से पूर्व पंचायत चुनाव करवाए जाने हैं। जिसके लिए 30 मार्च से पूर्व आरक्षण रोस्टर और अन्य चुनावी तैयारी को पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। 

एक-दो दिनों में विधानसभा में पेश होगा संशोधन विधेयक

इसके लिए पंचायती राज संशोधन विधेयक-2026 के ड्राफ्ट को राज्य मंत्रिमंडल ने अपनी मंजूरी दे दी। इसके तहत जिनके खिलाफ अदालत में चार्जशीट पेश हो चुकी है, ऐसे लोग चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। अगले एक-दो दिनों के दौरान के भीतर विधानसभा के बजट सत्र के दौरान संशोधन विधेयक लाए जाने की पूरी संभावना है। पंचायत चुनाव से ठीक पहले राज्य सरकार इसके लिए राज्य विधानसभा में कानून पारित करने जा रही है। पारित विधेयक को राज्यपाल की स्वीकृति मिलते ही नया कानून अस्तित्व में आ जाएगा। प्रदेश में 31 मई से पहले पंचायत चुनाव प्रस्तावित हैं, ऐसे में इस निर्णय का सीधा असर चुनावी प्रक्रिया पर पड़ेगा।

सिटी गैस सिस्टम डिस्ट्रीब्यूशन पर जोर

हिमाचल सरकार पाइप से गैस पहुंचाने पर जोर देगी। सिटी गैस सिस्टम डिस्ट्रीब्यूशन सुदृढ़ किया जाएगा। अभी जिला ऊना के कुछ क्षेत्र में ही यह सुविधा दी जा रही है। सोलन के बद्दी नालागढ़ क्षेत्र में इस पर काम चल रहा है। 

सीबीएसई स्कूलों का अलग कैडर

सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों का अलग कैडर होगा। पहले 134 स्कूल तय किए थे, अब स्कूलों की संख्या 151 हो गई है।

मेडिकल कॉलेजों में इंटर कॉलेज को मंजूरी

टांडा के लिए पेट स्कैन मशीन खरीद को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा मेडिकल कॉलेजों में इंटर कॉलेज बनाने की मंजूरी दी है।

बायोफिजिक्स विभाग बनेंगे

इसके अलावा कैबिनेट ने फैसला लिया है कि आईजीएमसी शिमला, मंडी स्थित नरचौक मेडिकल कॉलेज और हमीरपुर में बायोफिजिक्स विभाग बनेगा। नाहन मेडिकल कॉलेज की सब कमेटी को मंजूरी दी है। वहीं, कैबिनेट ने 6 विद्या उपासक को जेबीटी बनाने का भी फैसला लिया है। 

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