चंबा में डाक जीवन बीमा राशि में लाखों रुपये की गड़बड़ी, CBI ने उपडाकपाल पर दर्ज की तीन FIR
चंबा जिले के तीन उपडाकघरों में डाक जीवन बीमा प्रीमियम राशि में लाखों की गड़बड़ी के आरोप में सीबीआई ने तत्कालीन उपडाकपाल राजीव कुमार के खिलाफ तीन एफआईआ ...और पढ़ें

सीबीआई डाक बीमा राशि में गड़बड़ी पर एफआईआर दर्ज की है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
चंबा के तीन उपडाकघरों में बीमा प्रीमियम गड़बड़ी।
सीबीआई ने पूर्व उपडाकपाल राजीव कुमार पर एफआईआर की।
लाखों की अनियमितता, ब्याज सहित राशि वसूली गई।
जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश में चंबा जिले के तीन उपडाकघरों में डाक जीवन बीमा और ग्रामीण डाक जीवन बीमा से जुड़ी प्रीमियम राशि में गड़बड़ी के कथित मामलों ने सीबीआइ की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने तत्कालीन उपडाकपाल राजीव कुमार के खिलाफ तीन एफआइआर दर्ज की हैं। भारतीय दंड संहिता की धारा 409 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(क) के तहत शिमला पुलिस थाना में मामले दर्ज किए गए हैं।
जमा नहीं करवाई धनराशि
राजीव कुमार ने भलेई, सलूणी और सुल्तानपुर उपडाकघरों में उपडाकपाल के पद पर तैनाती के दौरान ग्राहकों से डाक जीवन बीमा और ग्रामीण डाक जीवन बीमा की प्रीमियम राशि तथा ऋण पुनर्भुगतान की रकम नकद प्राप्त की। राशि को संबंधित पालिसियों में दर्ज कर दिया, लेकिन सरकारी लेखा प्रणाली में पूरा धन जमा नहीं कराया गया। विभागीय जांच में इस कथित गड़बड़ी का पता लगने के बाद मामला सीबीआइ तक पहुंचा।
भलेई में 2022 से 23 के बीच हुई गड़बड़ी
भलेई उपडाकघर में अप्रैल 2022 से सितंबर 2023 के दौरान कथित गड़बड़ी सामने आई। छह मामलों में छह लाख 14 हजार 774 रुपये का अंतर पाया गया। हालांकि विभागीय जांच में कथित गड़बड़ी की कुल राशि बढ़कर 17 लाख 94 हजार 867 रुपये तक पहुंच गई। आरोपित से 19 लाख 15 हजार 86 रुपये ब्याज सहित वसूले जा चुके हैं।
सलूणी में 2018 के चार मामले
सलूणी उपडाकघर में 2018 के चार मामलों को एफआइआर का आधार बनाया गया। इनमें एक लाख 25 हजार 624 रुपये का अंतर पाया गया। जांच में कुल कथित गड़बड़ी तीन लाख 31 हजार 965 रुपये आंकी गई। आरोपित से तीन लाख 75 हजार 862 रुपये ब्याज सहित वसूले जा चुके हैं।
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सुल्तानपुर में चार मामले
सुल्तानपुर उपडाकघर में मार्च 2019 से सितंबर 2021 के बीच चार मामलों को एफआइआर का आधार बनाया गया। इन मामलों में 37 हजार 743 रुपये का अंतर पाया गया। विभागीय जांच में कुल कथित गड़बड़ी एक लाख छह हजार 291 रुपये सामने आई। आरोपित से 1 लाख 43 हजार 899 रुपये ब्याज सहित वसूले जा चुके हैं।
क्या कहता है डाक विभाग
डाक विभाग ने कहा कि कई मामलों की जांच अभी भी जारी है। कुछ मामलों को आरोपपत्र में शामिल किया जाना है, जबकि कुछ की पड़ताल चल रही है। ऐसे में जांच आगे बढ़ने पर कथित गड़बड़ी की राशि और बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि सरकारी खाते में जमा न हुई राशि कितनी है, धन का उपयोग कहां किया गया और क्या इस तरह के अन्य मामले भी सामने आ सकते हैं।