हिमाचल के CBSE स्कूलों में शिक्षक भर्ती की डेडलाइन तय, CM सुक्खू ने विधानसभा में किया एलान
सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने घोषणा की कि हिमाचल के 147 सीबीएसई संबद्ध सरकारी स्कूलों में 30 सितंबर तक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू विधानसभा में बात रखते हुए।
HighLights
147 सीबीएसई स्कूलों में 30 सितंबर तक शिक्षक भर्ती।
कंप्यूटर लैब के लिए 80 करोड़ रुपये का बजट।
सीबीएसई संबद्धता से 24 हजार विद्यार्थी बढ़े।
राज्य ब्यूरो, शिमला। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध 147 सरकारी स्कूलों में 30 सितंबर तक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी। आयोग जिस दिन रिजल्ट घोषित कर रहा है उसके अगले दिन ही शिक्षकों को नियुक्ति दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने इन स्कूलों में कंप्यूटर लैब स्थापित करने के लिए 80 करोड़ बजट देने का भी एलान किया।
24 हजार विद्यार्थी बढ़े
भाजपा विधायक सुधीर शर्मा, रणधीर शर्मा, डा. जनक राज, विपिन सिंह परमार और राकेश जम्वाल के संयुक्त सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करने के बाद विद्यार्थियों की संख्या में 24 हजार की बढ़ोतरी हुई है। सरकार का लक्ष्य आगामी पांच वर्षों में हिमाचल को देश में उत्कृष्ट स्कूली शिक्षा प्रदान करने वाला राज्य बनाना है।
सीबीएसई संबद्ध स्कूलों को छह हजार पद भरने की प्रक्रिया शुरू
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के छह हजार पदों को भरने की मंजूरी दी है। नियमित आधार, स्कीम बेस्ड व अन्य माध्यमों से यह पद भरे जा रहे हैं। अभी इन स्कूलों में 3830 शिक्षक तैनात हैं। 28 श्रेणी के 2183 पद खाली पड़े हुए हैं। 1359 पदों को आउटसोर्स और 3319 पद स्कीम बेस्ड आधार पर भरे जा रहे हैं। इन्हें 30 हजार मासिक वेतन मिलेगा। शैक्षणिक सत्र के दौरान 10 महीनों का वेतन मिलेगा। इन शिक्षकों को नियमित करने की अभी नीति नहीं है भविष्य में इस पर विचार किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि 100 और सरकारी स्कूलों को सीबीएसई संबद्ध किया जाएगा।
15 सालों में 4 लाख बच्चें कम हुए इसलिए सीबीएसई बोर्ड से संबद्धता
शिक्षा मंत्री ने कहा कि पिछले 15 सालों में सरकारी स्कूलों में 4 लाख विद्यार्थियों का पंजीकरण कम हुआ है। अभिभावक अपने बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाना चाहते हैं, इसलिए सरकार ने सीबीएसई पैटर्न अपनाने का निर्णय लिया। पूर्व भाजपा सरकार में हिमाचल शिक्षा क्षेत्र में 21 वें पायदान पर था अब दोबारा देश के टाप-5 राज्यों की श्रेणी में है।
हिमाचल स्कूल शिक्षा बोर्ड पूरे देश में मॉडल बोर्ड में शामिल
शिक्षा मंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड देशभर में श्रेष्ठ बोर्डों में शुमार है। हिमाचल के अलावा गोवा शिक्षा बोर्ड देशभर के माडल बोर्ड में शामिल है। उन्होंने कहा कि सीबीएसई स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली परीक्षाओं में और बेहतर करने का मौका मिलेगा। शुरुआती दौर में व्यवहारिक तौर पर कुछ दिक्कतें अवश्य हैं, इनसे जल्द पार पा लिया जाएगा। सरकार ने बताया कि पिछले पौने चार सालों में 1526 स्कूलों को बंद व विलय किया गया है। इनमें 885 शून्य नामांकन वाले स्कूल है जबकि 641 में 5 से कम विद्यार्थी थे।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।