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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 25, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    NITI Aayog Meeting: हिमाचल के CM ने नीति आयोग की बैठक का किया बहिष्‍कार, कांग्रेस शासित राज्‍य ने किया किनारा

    Updated: Thu, 25 Jul 2024 12:26 PM (GMT+05:30)

    NITI Aayog Meeting हिमाचल प्रदेश के मुख्‍यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्‍खू ने नीति आयोग की बैठक का बहिष्‍कार किया है। कांग्रेस शासित राज्‍य बैठक में शामिल ...और पढ़ें

    नीति आयोग की बैठक का कांग्रेस ने किया किनारा (फाइल फोटो)
    नीति आयोग की बैठक का कांग्रेस ने किया किनारा (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक्‍स पर किया पोस्‍ट
    2. पंजाब के सीएम मान भी बैठक में नहीं हो रहे शामिल

    जागरण संवाददाता, शिमला। NITI Aayog Meeting: 27 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली नीति आयोग की बैठक में कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री हिस्सा नहीं लेंगे। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने एक्स पर इसको लेकर जानकारी दी है। हिमाचल में कांग्रेस की सरकार है, हाईकमान के आदेश अनुसार वे भी इस बैठक में भाग नहीं लेंगे।

    कांग्रेस ने लगाए आरोप

    कांग्रेस का आरोप है कि आम बजट में गैर एनडीए शासित राज्यों की अनदेखी की गई है। इस कारण वे इस बजट के विरोध में इस बैठक का बहिष्कार करेंगे। हालांकि बैठक में जाने को लेकर पूछे सवाल को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू टाल गए। उन्होंने कहा कि उन्हें अभी इसकी जानकारी नहीं है। नीति आयोग यानी नेशनल इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया है।

    नीति आयोग अब सरकार के कार्यक्रमों के देता है इनपुट्स : कांग्रेस

    नीति आयोग अब सरकार के विभिन्न कार्यक्रमों और नीतियों के बारे में इनपुट्स उपलब्ध करवाता है। इसका बजट निर्माण या सरकार के वित्तीय कामकाज में कोई हस्तक्षेप नहीं होता। नीति आयोग का मकसद भारत सरकार और राज्यों को एक मंच उपलब्ध करवाना है। यहां पर सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश एक साथ बैठकर राष्ट्रीय हित में नीतियों के निर्माण को लेकर अपनी बात रखते हैं।

    जेओए आईटी-817 का रिजल्ट जल्द होगा घोषित

    हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से रिजल्ट घोषित करने की मांग कर रहे जेओए आईटी- पोस्ट कोड 817 के अभ्यर्थियों का इंतजार जल्द खत्म होगा। जल्द ही इसका रिजल्ट घोषित किया जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मीडिया से बातचीत कहा कि सरकार ने इनके रिजल्ट घोषित करने का फैसला लिया है। इसके लिए डॉक्यूमेंटेशन की प्रक्रिया चली थी जो पूरी हो गई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे हड़ताल पर बैठें या नहीं, लेकिन इनका रिजल्ट घोषित होना तय है।

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    जेओए-आईटी 817 पोस्ट कोड के अभ्यर्थी जल्द रिजल्ट की मांग को लेकर कर्मचारी चयन आयोग कार्यालय के बाहर छह दिन से क्रमिक अनशन पर बैठे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनके रिजल्ट घोषित नहीं हो जाते, वे अपना अनशन खत्म नहीं करेंगे। सचिवालय में भी कई अभ्यार्थी मुख्यमंत्री से मिलने के लिए पहुंचे थे।

    2020 में विज्ञापित हुए थे पद

    जेओए-आईटी 817 पोस्ट कोड के अभ्यर्थी चार साल से रिजल्ट निकलने का इंतजार कर रहे हैं। इनके 1867 पद साल 2020 में विज्ञापित किए गए थे। इनका यह मामला हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक गया। सुप्रीम कोर्ट ने भी हिमाचल सरकार को जल्दी रिजल्ट घोषित करने के आदेश दे रखे है। बीते सप्ताह की कैबिनेट में भी रिजल्ट निकालने की मंजूरी मिल गई है। इस परीक्षा में 1.70 लाख अभ्यर्थी बैठे थे। इनमें से 19 हजार बच्चों ने यह परीक्षा पास की, जबकि टाइपिंग टेस्ट लगभग 5600 बच्चों ने पास किया।