Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    हिमाचल: CM सुक्खू बोले, जॉब ट्रेनी सिर्फ नाम बदला है अनुबंध नीति नहीं, ...तो 2 साल बाद नियमित होंगे सभी कर्मचारी

    By Anil Thakur Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Wed, 03 Dec 2025 04:28 PM (GMT+05:30)

    Himachal Pradesh News, हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्पष्ट किया कि 'जॉब ट्रेनी' योजना बंद नहीं हुई है, सिर्फ नाम बदला गया है। उन्होंन ...और पढ़ें

    हिमाचल विधानसभा में बात रखते मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू।

    हिमाचल विधानसभा में बात रखते मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू।

    HighLights

    1. जॉब ट्रेनी योजना का नाम बदला

    2. दो साल बाद नियमित होंगे कर्मचारी

    3. कर्मचारियों के हितों की रक्षा होगी

    राज्य ब्यूरो, धर्मशाला। Himachal Pradesh News, मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि अनुबंध नीति का नाम बदलकर जॉब ट्रेनी किया गया है। नीति में कोई बदलाव नहीं किया है। राज्य चयन आयोग व लोक सेवा आयोग से चयनित होकर सरकारी विभागों, बोर्ड व निगमों में जो भी कर्मचारी तैनात होंगे, उन्हें दो साल बाद नियमित किया जाएगा।

    विधायक विधायक सुधीर शर्मा, रणधीर शर्मा और विपिन परमार के संयुक्त प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद ही अनुबंध नीति का नाम बदला गया है।

    नियमित किए जाएंगे कर्मी

    उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी चयन आयोग व लोक सेवा आयोग के माध्यम से नौकरी में आए हैं, उन्हें नौकरी से निकाला नहीं जाएगा, बल्कि नियमित किया जाएगा। विधायक रणधीर शर्मा ने पूछा था कि इस नीति को बदलने की जरूरत क्यों पड़ी।

    कर्मचारी चयन आयोग को भाजपा सरकार ने बनाया था भ्रष्टाचार का अड्डा

    मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर को पूर्व सरकार के समय भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया गया था। सरकार ने इसे भंग किया। आयोग अब दोबारा से अस्तित्व में आया है। 

    भंग आयोग के समय कितनी भर्ती करवाई गईं

    उन्होंने कहा कि जब तक आयोग भंग रहा उस अवधि में तृतीय श्रेणी की भर्तियां राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से करवाई गई। विधायक ने जो प्रश्न पूछा है सरकार उसका जवाब एकत्र कर रही है और अगले सत्र में यह मुहैया करवा दिया जाएगा।

    खबरें और भी

    विधायक डा. जनक राज, सुधीर शर्मा, लोकेंद्र कुमार, दीपराज ने यह प्रश्न पूछा था जिसका इस बार भी जवाब नहीं आया।

    यह भी पढ़ें: हिमाचल सरकार पटवारी के 645 पद भरेगी, राज्य चयन आयोग को भेजा मामला; विधानसभा में उठा डाक्यूमेंट राइटर फीस मामला 

    यह भी पढ़ें: हिमाचल: हिम बस कार्ड क्यों बना रही सरकार? मुख्यमंत्री ने सदन में बताई वजह, अब लोकमित्र केंद्रों में भी बनेंगे