'भाजपा की B टीम को बना दिया कांग्रेस अध्यक्ष', निगम भंडारी की नियुक्ति पर भड़के हिमाचल के राजस्व मंत्री नेगी
राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने किन्नौर जिला कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में निगम भंडारी की नियुक्ति पर कड़ी आपत्ति जताई है, उन्हें भाजपा की 'बी टीम' बताया ...और पढ़ें

हिमाचल के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और किन्नौर जिला अध्यक्ष निगम भंडारी। जागरण आर्काइव
HighLights
नेगी ने निगम भंडारी को 'भाजपा की बी टीम' बताया।
किन्नौर कांग्रेस अध्यक्ष पद पर नियुक्ति पर गंभीर आपत्ति।
भाजपा पर आपातकाल बहाने अघोषित इमरजेंसी से ध्यान भटकाने का आरोप।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश के राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने एक ओर भाजपा द्वारा आपातकाल की वर्षगांठ को काला दिवस के रूप में मनाए जाने पर तीखा हमला बोला है। वहीं दूसरी ओर किन्नौर जिला कांग्रेस अध्यक्ष पद पर निगम भंडारी की नियुक्ति को लेकर अपनी खुली नाराजगी जाहिर कर दी। उन्होंने कहा कि भाजपा की बी टीम को कांग्रेस की ए टीम बनाकर किन्नौर का जिला अध्यक्ष बना दिया है।
नेगी ने जताई गंभीर आपत्ति
शिमला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए जगत सिंह नेगी ने किन्नौर जिला कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में निगम भंडारी की नियुक्ति पर गंभीर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति से उनकी वर्षों से बातचीत तक नहीं है और जिस पर कांग्रेस विरोधी गतिविधियों के आरोप लगते रहे हैं, उसे जिला कांग्रेस अध्यक्ष बनाया जाना हैरानी की बात है।
कांग्रेस की विचारधारा के खिलाफ करते रहे हैं काम
नेगी ने आरोप लगाया कि निगम भंडारी लगातार कांग्रेस की विचारधारा के खिलाफ काम करते रहे हैं और भाजपा के साथ मिलकर राजनीतिक गतिविधियां संचालित करते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चुनाव के दौरान भी उनका विरोध किया था और उनकी नियुक्ति से भाजपा सबसे अधिक खुश नजर आ रही है।
विवादित छवि वाले व्यक्ति को कमान सौंपना समझ से परे
उन्होंने कहा कि उनके पिता स्वर्गीय ज्ञान चंद नेगी ने किन्नौर में कांग्रेस को मजबूत आधार दिया था और स्वयं उन्होंने युवा कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए कई जनआंदोलनों का नेतृत्व किया। ऐसे में पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर विवादित छवि वाले व्यक्ति को संगठन की कमान सौंपना समझ से परे है।
खबरें और भी
आपातकाल पर भाजपा को लिया निशाने पर
राजस्व मंत्री ने कहा कि भाजपा आपातकाल का मुद्दा उठाकर देश में वर्तमान समय में बने अघोषित इमरजेंसी जैसे हालातों से लोगों का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग भाजपा की विचारधारा से सहमत नहीं होते, उन्हें केंद्रीय जांच एजेंसियों, विशेषकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), के माध्यम से परेशान किया जाता है। नेगी ने कहा कि कई मामलों में लोगों को लंबे समय तक जेल में रखा गया, लेकिन बाद में उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया।
उन्होंने कहा कि आपातकाल उस समय की विशेष परिस्थितियों में लगाया गया था, जबकि आज लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बनाने और चुनी हुई सरकारों को अस्थिर करने की कोशिशें की जा रही हैं। नेगी ने आरोप लगाया कि भाजपा के कुछ नेताओं ने अतीत में सेना और अर्धसैनिक बलों को भी सरकार के खिलाफ खड़ा होने के लिए उकसाने का प्रयास किया था।
यह भी पढ़ें: 'हिमाचल सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं पर एक और टैक्स का बोझ डाला', विपक्ष ने साधा निशाना- जनविरोधी निर्णय वापस लें