यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 25, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Himachal: विदेशों से ऑपरेट हो रहा हिमाचल में चिट्टे का कारोबार, जनजातीय क्षेत्रों तक पहुंच रहा नशा- डिप्टी CM
हिमाचल प्रदेश में नशे का कारोबार लगातार फल-फूल रहा है। नशा अब जनजातीय क्षेत्रों तक पहुंच गया है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने इस संबंध ...और पढ़ें

HighLights
- डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि 8 महीनों में 11.4 किलो चिट्टा पकड़ा गया है।
- डिप्टी सीएम ने कहा कि नशा निवारण केंद्रों में भी चिट्टे की सप्लाई हो रही है
- मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ सभी को एकसाथ लड़ाई लड़नी होगी
शिमला, जागरण संवाददाता। Drugs Network In Himachal हिमाचल में चिट्टे का कारोबार विदेशों से ऑपरेट हो रहा है। अफगानिस्तान और पाकिस्तान में बैठे ड्रग डीलर नशे की खेप हिमाचल पहुंचा रहे हैं। दिल्ली में नाइजीरियन भी इस धंधे को ऑपरेट कर रहे हैं। हिमाचल बॉर्डर एरिया है जहां से नशे की खेप को पहुंचाया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने शनिवार को विधानसभा में विधायक राजेश धर्माणी व केएल ठाकुर के सवाल के जवाब में सदन में यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि इस साल 1 जनवरी से 31 अगस्त तक पुलिस ने साढ़े 11 किलो चिट्टा पकड़ा है। जबकि पिछले साल 7.82 किलो चिट्टे की खेप पकड़ी गई थी। उन्होंने कहा कि जनवरी 2022 से 31 अगस्त 2023 तक 4445 आरोपितों को पुलिस ने नशे के साथ गिरफ्तार किया है। इस साल 1574 केस हो चुके हैं। इनमें 2136 पुरुष व 79 महिलाएं आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।
'भोले-भाले लोग चिट्टे के आदी बन रहे हैं'
डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री (Mukesh Agnihotri) ने कहा कि राज्य सरकार प्रयास कर रही है कि इनकी फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन यानी वित्तीय जांच भी की जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के भोले-भाले लोग चिट्टे के आदी बन रहे हैं। इन्हें नशे की लत लगाई जा रही है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नशा बहुत बड़ी चिंता है। इस पर लगाम लगाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। सरकार इसे रोकने के लिए कृतसंकल्प है।
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'सरकार इसके लिए निर्णायक लड़ाई लड़ेगी'
उन्होंने कहा कि नशे को रोकने के लिए युद्धस्तर पर काम हो रहा है। इसके लिए हमें मिलजुलकर प्रयास करने होंगे। सरकार इसके लिए निर्णायक लड़ाई लड़ेगी। इसके लिए राजनीति से उपर उठकर सभी को सहयोग देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि केवल गिरफ्तार करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। प्रदेश की सारी जेले इन्हीं से भर रही हैं। ऐसे में इस बारे में जागरूकता चलाना भी जरूरी है। जिसके लिए समाज का सहयोग भी जरूरी है।
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'पड़ोसी राज्यों में चिट्टे का प्रकोप है'
उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों में चिट्टे का प्रकोप है। हमारे लिए यह भी समस्या है। सीमावर्ती इलाकों को मजबूत करने की जरूरत है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इंटरनेशनल गैंग इस धंधे को ऑपरेट कर रही है। पुलिस ड्रोन तकनीक का भी इस्तेमाल कर चिट्टे के तस्करों पर नजर रख रही है। मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि विधानसभा में भी कानून पारित कर केंद्र को भेजा है कि 5 ग्राम से कम चिट्टा भी यदि पकड़ा जाता है तो आरोपित की जमानत रद्द की जाए। अभी तक नियमों में प्रावधान है कि उन्हें बेल मिल जाती है।
'जनजातीय इलाकों तक पहुंचा चिट्टा'
उन्होंने कहा कि जनजातीय इलाकों तक भी चिट्टा पहुंच चुका है, जो सबसे बड़ा चिंता का विषय बन गया है। उन्होंने कहा कि सरकार इसे रोकने के लिए निर्णायक कदम उठा रही है। नशा तस्करों की संपत्तियों को भी जब्त कर रही है। इस संबंध में कार्ययोजना तैयार कर रहे हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सीमा को सील रखना चुनौती है। उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में सख्त कदम उठा रही है। उन्होंने आवश्सत किया कि जागरूकता में सभी को भागीदार बनना पड़ेगा।