हिमाचल बिजली बोर्ड घाटे में; 89 विभागों, बोर्डों व निगमों के पास फंसे 495.76 करोड़, सबसे ज्यादा किसका पेंडिंग?
हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड गंभीर वित्तीय संकट में है, क्योंकि 89 सरकारी विभागों, बोर्डों और निगमों पर कुल 495.76 करोड़ रुपये के बिजली बिल लंबित ह ...और पढ़ें

हिमाचल बिजली बोर्ड पेंडिंग बिलों के कारण भी घाटे में है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
बिजली बोर्ड पर 495.76 करोड़ रुपये का बकाया।
जल शक्ति विभाग पर सर्वाधिक 455.91 करोड़ रुपये लंबित।
बकायेदारों के कनेक्शन प्रीपेड मोड में बदले जा रहे।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड गंभीर वित्तीय संकट का सामना कर रहा है। वर्तमान में 89 सरकारी विभागों, बोर्डों और निगमों के पास बिजली के बिलों का कुल 495.76 करोड़ रुपये लंबित है। इनमें जल शक्ति विभाग के पास सबसे अधिक 455.91 करोड़ रुपये की राशि फंसी हुई है। इसके अतिरिक्त, नगर निगम और नोटिफाइड एरिया कमेटी के पास 7.55 करोड़ रुपये की राशि बकाया है।
राज्य के अन्य संस्थानों जैसे बीआरओ, बीएसएनएल, सेना, भारतीय उच्च अध्ययन संस्थान, आइबी, और आइटीबीपी के बिल भी अभी तक निपटाए नहीं गए हैं। यह जानकारी जसवां परागपुर के विधायक बिक्रम ठाकुर के प्रश्न के लिखित उत्तर में सरकार ने विधानसभा में प्रस्तुत की।
तीन साल से कितना बकाया
सरकार ने बताया कि लंबित 495.76 करोड़ रुपये में से 86.03 करोड़ रुपये पिछले तीन वर्षों से अधिक समय से बकाया हैं। बिजली बोर्ड समय-समय पर बकाया बिलों के लिए नोटिस जारी करता है और अस्थायी रूप से कनेक्शन भी काटे जाते हैं।
प्रीपेड मोड में बदले जा रहे कनेक्शन
सभी विभागों, बोर्डों और निगमों के विद्युत कनेक्शन को चरणबद्ध तरीके से प्रीपेड मोड में परिवर्तित किया जा रहा है। हालांकि, इन बकाया देनदारियों की वसूली के लिए कोई विशेष नीति नहीं बनाई गई है। सभी बकायेदारों से निरंतर पत्राचार किया जा रहा है।