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'भेदभावपूर्ण कार्यप्रणाली से पनप रहा असंतोष', हिमाचल बिजली बोर्ड कर्मचारी संघ ने CM और प्रबंधन को भेजा पत्र

By Rohit Nagpal Edited By: Rajesh Sharma
Published: Mon, 13 Apr 2026 05:17 PM (IST)

राज्य बिजली बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू और बोर्ड अध्यक्ष प्रबोध सक्सेना को पत्र लिखा है। ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ ने सीएम सुक्खू को पत्र भेजा है। प्रतीकात्मक फोटो

हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ ने सीएम सुक्खू को पत्र भेजा है। प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. पदोन्नति फाइलें दो माह से सचिवालय में लंबित।

  2. वरिष्ठता विसंगतियों से कर्मचारियों में गहरा असंतोष।

  3. संघ ने स्थानीय स्तर पर पदोन्नति की मांग की।

जागरण संवाददाता, शिमला। राज्य बिजली बोर्ड तकनीकी कर्मचारी संघ ने प्रदेश सरकार और बोर्ड प्रबंधन के समक्ष लंबित पदोन्नतियों और वरिष्ठता की विसंगतियों का मामला उठाया है। संघ ने मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू और विद्युत बोर्ड अध्यक्ष प्रबोध सक्सेना को पत्र लिखकर सचिवालय में लंबित पदोन्नति की फाइल को तुरंत क्लीयर करने का आग्रह किया है।

दो माह से सचिवालय में रुकी फाइल

प्रदेशाध्यक्ष रणवीर सिंह ठाकुर और प्रदेश महासचिव चमन शर्मा ने कहा कि विद्युत बोर्ड के महत्वपूर्ण डिवीजनों धर्मशाला, पालमपुर, शाहपुर, बैजनाथ, लंबागांव, हरोली, ठियोग व सुन्नी के टीमेट से सहायक लाइनमैन की पदोन्नति की फाइल दो माह से सचिवालय में मंजूरी के लिए रुकी है। 

भेदभावपूर्ण कार्यप्रणाली से असंतोष

इन फाइल के बाद भेजी अन्य फाइल मंजूरी के बाद वापस आ गई हैं और उनके पदोन्नति आदेश भी जारी हो चुके हैं। इस भेदभावपूर्ण कार्यप्रणाली से कर्मचारियों में असंतोष है।

वरिष्ठता की विसंगतियां भी पैदा हो रहीं

संघ ने मांग की है कि तकनीकी कर्मचारियों की पदोन्नति की प्रक्रिया जो डिवीजन और सर्कल स्तर पर होती है, उसे पूर्व की भांति स्थानीय कंट्रोल कैडर को ही अधिकृत किया जाए। वर्तमान में फाइल को मंजूरी के लिए सचिवालय भेजने की व्यवस्था से न केवल देरी हो रही है, बल्कि वरिष्ठता की विसंगतियां भी पैदा हो रही हैं।

मेरिट में ऊपर रहे कर्मचारी पिछड़ रहे

प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि 2015, 2017, 2019 और 2021 में बोर्ड स्तर पर मेरिट के आधार पर टीमेट की भर्ती की गई थी। अब अलग-अलग समय पर फाइल मंजूर होकर आने के कारण मेरिट में ऊपर रहे कर्मचारी पिछड़ रहे हैं, जबकि कनिष्ठ कर्मचारी पदोन्नत होकर वरिष्ठ बन रहे हैं।

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