यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Himachal: रोडवेज बसों के 234 रूट प्राइवेट ऑपरेटरों को सौंपने के लिए हिमाचल सरकार ने फिर मांगे आवेदन, लास्ट डेट से पहले करें अप्लाई
Himachal हिमाचल प्रदेश में परिवहन सेवा को मजबूत करने के लिए सरकार ने 234 रूट निजी ऑपरेटरों को देने का निर्णय लिया है। हालांकि ई बस में 26 रूट चिन्हित ...और पढ़ें

HighLights
- सरकार ने 234 रूट निजी ऑपरेटरों को देने का निर्णय लिया है
- 26 रूटों के लिए सबसे ज्यादा 421 आवेदन आए हैं।
जागरण संवाददाता, शिमला। प्रदेश में परिवहन सेवा को मजबूत करने के लिए सरकार ने 234 रूट निजी ऑपरेटरों को देने का निर्णय लिया है। इसमें कुछ नए रूट थे जबकि कुछ रूट वे थे जो एचआरटीसी ने घाटे का बताकर बंद किए थे। 234 रूटों में से 70 रूटों को लेने में ऑपरेटरों ने रुचि ही नहीं दिखाई। इन के लिए कोई भी आवेदन विभाग के पास नहीं पहुंचा।
15 फरवरी तक करें आवेदन
हालांकि ई बस में 26 रूट चिन्हित किए गए थे। इन 26 रूटों के लिए सबसे ज्यादा 421 आवेदन आए हैं। अब परिवहन विभाग ने जिन रूटों के लिए कोई आवेदन नहीं आया उन्हें दोबारा से विज्ञापित किया है। यानि नए सिरे से इसके लिए आवेदन मांगे हैं। इच्छुक ट्रांसपोर्टर या अन्य व्यक्ति इन रूटों के लिए 15 फरवरी तक आवेदन कर सकता था। जबकि पहले आवेदन करने की अंतिम तिथि जनवरी रखी गई थी। परिवहन विभाग ने 234 रूटों के लिए आवेदन मांगे थे। इसमें से 70 रूटों के लिए कोई आवेदन नहीं आया है। इसके लिए दोबारा से 15 फरवरी तक आवेदन कर सकेंगे।
इन रूटों के लिए मांगे हैं आवेदन
परिवहन विभाग ने कुल 37 रूट चिन्हित किए हैं। इनमें से 7 रूट वे हैं जिनमें विभिन्न सीटिंग क्षमता की बसें चलेगी। इसमें आरटीओ सोलन के 1, हमीरपुर के 2 व नालागढ़ के 4 रूट हैं। इसी तरह 37 रूट 18 सीटर ट्रैवलर के लिए हैं। इनमें आरटीओ सोलन 3, आरटीओ ऊना 12, आरटीओ नाहन 3, आरटीओ मंडी 3, आरटीओ चंबा 1, आरटीओ कुल्लू 8, आरटीओ धर्मशाला 7 रूट हैं। इसके अलावा एचआरटीसी ने जो रूट सरेंडर किए थे वे 26 हैं। इनमें आरटीओ सोलन के 3, आरटीओ ऊना के 1, आरटीओ शिमला के 3, आरटीओ रामपुर के 2, आरटीओ मंडी के 8, आरटीओ हमीरपुर के 1, आरटीओ कुल्लू के 5 व आरटीओ धर्मशाला के 3 रूट शामिल हैं।
विभाग ने इन रूटों के लिए कुल दूरी से लेकर समय सारणी भी जारी कर दी है। यानि आवेदन के साथ ही ऑप्रेटर खुद आंकलन कर सकेंगे कि इस रूट पर बस चलाना उनके लिए फायदे का सौदा होगा या नहीं।