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    हिमाचल सरकार की शहरी दुकानदारों को बड़ी राहत, नीलामी का झंझट खत्म; अब 40 वर्ष के लिए मिल सकेगी दुकान

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Wed, 10 Jun 2026 12:32 PM (IST)

    हिमाचल सरकार ने शहरी दुकानदारों को बड़ी राहत देते हुए 'मुख्यमंत्री शहरी कारोबारी कल्याण नियम-2026' का मसौदा जारी किया है। इसके तहत 10 वर्ष से अधिक समय ...और पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव

    हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव

    HighLights

    1. शहरी दुकानदारों को 40 वर्ष तक का पट्टा मिलेगा।

    2. 10 वर्ष से काबिज व्यापारियों को नीलामी से छूट।

    3. एकमुश्त भुगतान पर पट्टा राशि में विशेष छूट।

    राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश के नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों की दुकानों तथा स्टाल में वर्षों से कारोबार कर रहे हजारों व्यापारियों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। शहरी विकास विभाग ने मुख्यमंत्री शहरी कारोबारी कल्याण नियम-2026 का मसौदा राजपत्र में प्रकाशित कर दिया है। इस पर 30 दिन के भीतर आम जनता से आपत्तियां और सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।

    40 वर्ष तक का पट‌्टा मिलेगा 

    प्रस्तावित नियमों के अनुसार, नगर निकायों द्वारा निर्मित दुकानों, स्टालों और तहबाजारी स्थलों पर 10 वर्ष या उससे अधिक समय से रह रहे पात्र किरायेदारों एवं अधिभोगियों को सार्वजनिक नीलामी के बिना 40 वर्ष तक का पट्टा दिया जाएगा। इस अवधि को आगे भी 40 वर्ष तक बढ़ाया जा सकेगा। इससे बार-बार नीलामी का झंझट खत्म होगा।

    क्या रहेगा फार्मूला

    सरकार ने पट्टा राशि तय करने के लिए प्रचलित सर्किल रेट के 10 प्रतिशत पर आधारित फार्मूला प्रस्तावित किया है। साथ ही एकमुश्त भुगतान करने वाले व्यापारियों को विशेष छूट का लाभ मिलेगा। 40 वर्ष की पट्टा राशि एक साथ जमा करने पर 20 प्रतिशत, 30 वर्ष के लिए 15 प्रतिशत और 20 वर्ष के लिए 10 प्रतिशत तक की छूट देने का प्रविधान किया गया है।

    वैध समझौता नहीं, तब भी मिलेगी राहत

    नियमों में उन अधिभोगियों को भी राहत का प्रस्ताव है, जिनके पास वैध समझौता नहीं है, लेकिन वे 10 वर्ष या उससे अधिक समय से संबंधित दुकान पर काबिज हैं। हालांकि 10 वर्ष से कम अवधि के अनधिकृत कब्जों को संरक्षण नहीं मिलेगा। ऐसी संपत्तियों का आवंटन ई-नीलामी अथवा खुली नीलामी से किया जाएगा। 

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    कारोबारियों को मिलेगी सुरक्षा

    नई व्यवस्था से लंबे समय से अनिश्चितता का सामना कर रहे व्यापारियों को स्थायित्व और सुरक्षा मिलेगी। वहीं नगर निकायों की आय में भी वृद्धि होने की उम्मीद है। आवेदन, आपत्तियां और स्वीकृतियों की पूरी प्रक्रिया एकीकृत वेब पोर्टल के माध्यम से आनलाइन संचालित की जाएगी।

    अभी यह है प्रविधान

    अभी शहरी निकायों की दुकानों की नीलामी को लेकर अलग-अलग प्रविधान है। इसमें एक वर्ष, पांच वर्ष और 10 वर्ष बाद नीलामी होती है। हालांकि जिसके पास दुकान है उससे खाली नहीं करवाई जाती है और नीलामी की कीमत ली जाती है। कई स्थानों पर तो जिसे दुकानें दी गई हैं, उनसे किराया बढ़ाकर ले लिया जाता है।

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