हिमाचल सरकार ने बदले दो IAS अफसर, पदभार का इंतजार कर रहे अनुराग संभालेंगे HPTDC; दो महिला अधिकारियों की प्रमोशन
हिमाचल प्रदेश कार्मिक विभाग ने दो आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं, जिसमें अनुराग चंद्र शर्मा को पर्यटन विकास निगम का प्रबंध निदेशक बनाया गया है।

आईएएस अधिकारी अनुराग चंद्र शर्मा और राजीव कुमार। जागरण आर्काइव
HighLights
अनुराग चंद्र शर्मा हिमाचल पर्यटन विकास निगम के नए एमडी बने।
डॉ. राजीव कुमार को कार्मिक विभाग में रिपोर्ट करने को कहा।
गीता देवी अतिरिक्त सचिव, सरोज सिंह प्रधान निजी सचिव पदोन्नत।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश कार्मिक विभाग ने दो आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर ऑर्डर जारी किए हैं। पदभार का इंतजार कर रहे 2016 बैच के आईएएस अधिकारी अनुराग चंद्र शर्मा को हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम का प्रबंध निदेशक लगाया गया है। वह पर्यटन विकास निगम कार्यालय धर्मशाला में कार्यभार संभालेंगे। वहीं, इस पद पर तैनात 2017 बैच के आईएएएस अधिकारी डॉ. राजीव कुमार को अगली तैनाती के लिए कार्मिक विभाग में रिपोर्ट करने को कहा गया है।
आईएएस अधिकारी अनुराग चंद्र शर्मा लंबे समय से पदभार मिलने के इंतजार में बैठे थे, उन्हें सरकार ने अहम जिम्मेदारी सौंपी है। टूरिज्म स्टेट हिमाचल में पर्यटन विकास निगम के एमडी का कार्यभार अहम है।
कुल्लू के डीसी थे अनुराग
अनुराग चंद्र शर्मा पहले कुल्लू के उपायुक्त थे, जिन्हें सरकार ने हाई कोर्ट के आदेश के बाद हटा दिया था। उन पर रेव पार्टी मामले में उचित कार्रवाई न करने का आरोप लगा था, इसके बाद सरकार ने अगस्त के पहले सप्ताह में उन्हें हटाकर शिमला बुला लिया था। अब सरकार ने उन्हें अहम पद पर तैनाती दी है।
गीता अतिरिक्त सचिव, सरोज बनीं प्रधान निजी सचिव
उधर, कार्मिक विभाग प्रशासनिक स्तर पर दो पदोन्नति आदेश जारी किए हैं। विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की सिफारिशों के आधार पर संयुक्त सचिव (सचिवालय सेवाएं ) गीता देवी को पदोन्नत कर हिमाचल प्रदेश सरकार में अतिरिक्त सचिव बनाया गया है, जबकि वरिष्ठ विशेष निजी सचिव सरोज सिंह को पदोन्नत कर प्रधान निजी सचिव बनाया गया है। पदोन्नति के लिए निर्धारित सेवा नियमों में छूट प्रदान करते हुए उन्हें यह पदोन्नति दी गई है।
दोनों अधिकारियों को पे-मैट्रिक्स के लेवल-28 (1,23,100 - 2,09,600) और 5000 प्रति माह सचिवालय वेतन के तहत नियमित आधार पर यह पदोन्नति तत्काल प्रभाव से दी गई है। पदोन्नति के बाद भी दोनों अधिकारी अपने वर्तमान तैनाती स्थल पर ही कार्य करते रहेंगे।
