कजाकिस्तान के बाद अब जापान के एक्सपोजर विजिट पर जाएंगे हिमाचल के ITI प्रशिक्षु, तकनीकी शिक्षा विभाग की प्रक्रिया शुरू
हिमाचल प्रदेश सरकार आईटीआई प्रशिक्षुओं को वैश्विक अनुभव दिलाने के लिए जापान एक्सपोजर विजिट पर भेज रही है। इसका उद्देश्य उन्हें आधुनिक कार्यप्रणाली और ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश के तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी। जागरण आर्काइव
HighLights
आईटीआई प्रशिक्षु जापान में लेंगे वैश्विक औद्योगिक अनुभव।
मेरिट के आधार पर 30 प्रशिक्षुओं का होगा चयन।
कम्युनिकेशन स्किल कोर्स भी होंगे शुरू, बढ़ेगी रोजगार क्षमता।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में अध्ययनरत प्रशिक्षुओं को वैश्विक स्तर का अनुभव दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। तकनीकी शिक्षा विभाग प्रशिक्षुओं के लिए जापान एक्सपोजर विजिट की योजना तैयार कर रहा है, ताकि वे वहां की आधुनिक कार्यप्रणाली, औद्योगिक संस्कृति और तकनीकी दक्षता को नजदीक से समझ सकें।
विभागीय दल के साथ 30 प्रशिक्षु जाएंगे
30 प्रशिक्षुओं को जापान भेजा जाएगा। प्रशिक्षुओं के साथ विभाग का दल भी शामिल रहेगा। चयनित प्रशिक्षुओं को जापान भेजा जाएगा, जहां उन्हें उद्योगों में अपनाई जाने वाली कार्य प्रणाली, अनुशासन, तकनीकी नवाचार और कौशल विकास की प्रक्रियाओं का प्रत्यक्ष अनुभव मिलेगा। इससे पहले सरकार ने जुलाई महीने में प्रशिक्षुओं को कजाकिस्तान भी भेजा था।
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने की पुष्टि
विभाग का मानना है कि इससे प्रशिक्षुओं की कार्यक्षमता बढ़ेगी और उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने इसकी पुष्टि की है।
मेरिट आधार पर होगा चयन
शिक्षा मंत्री ने बताया कि मेरिट के आधार पर प्रशिक्षुओं का चयन एक्सपोजर विजिट के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही इसके लिए औपचारिकता पूरी कर दी जाएगी। विद्यार्थियों का चयन मेरिट आधार पर होगा। छात्र व छात्राएं दोनों का चयन किया जाएगा। इसमें केवल सरकारी आइटीआई के ही प्रशिक्षुओं को भेजा जाएगा।
कम्युनिकेशन स्किल कोर्स किए जाएंगे शुरू
तकनीकी शिक्षा विभाग आईटीआई प्रशिक्षुओं के लिए विशेष कम्युनिकेशन स्किल कोर्स भी शुरू करने जा रहा है। इन पाठ्यक्रमों के माध्यम से प्रशिक्षुओं को अंग्रेजी के साथ-साथ अन्य विदेशी भाषाओं का भी प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे विदेशी कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय कार्यस्थलों पर प्रभावी ढंग से संवाद कर सकें।
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विभाग का उद्देश्य प्रशिक्षुओं को केवल तकनीकी रूप से दक्ष बनाना ही नहीं, बल्कि उन्हें वैश्विक उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करना भी है। भाषा कौशल और अंतरराष्ट्रीय कार्य संस्कृति की समझ से प्रशिक्षुओं की रोजगार क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। सरकार का यह कदम हिमाचल के युवाओं को विश्वस्तरीय कौशल, आधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
युवाओं के कौशल को मिलेगी नई दिशा
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि एक्सपोजर विजिट प्रशिक्षुओं को आधुनिक तकनीकों, वैश्विक कार्य संस्कृति और औद्योगिक प्रक्रियाओं को नजदीक से समझने का एक अनूठा अवसर प्रदान कर रही है। यह अनुभव युवाओं के कौशल विकास को एक नई दिशा देगा और उन्हें न केवल राष्ट्रीय स्तर पर, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त करने में सहायक होगा।