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    हिमाचल सरकार ने 1.67 लाख कब्जे नियमित करने के लिए तय किया पैमाना, गवाह और ग्रामसभा की अनुमति रहेगी जरूरी

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Mon, 08 Jun 2026 11:07 AM (IST)

    हिमाचल सरकार ने सरकारी भूमि पर वर्षों से काबिज छोटे किसानों और भूमिहीन परिवारों के लिए अतिक्रमण नियमितीकरण नीति-2026 को मंजूरी दी है। ...और पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव

    हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव

    HighLights

    1. सरकारी भूमि पर कब्जे नियमित करने की नीति मंजूर।

    2. लाभार्थी को गवाह और ग्रामसभा अनुमोदन देना होगा।

    3. छोटे किसानों और भूमिहीन परिवारों को मिलेगा लाभ।

    राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में सरकारी भूमि पर वर्षों से काबिज छोटे और सीमांत किसानों तथा भूमिहीन परिवारों को राहत तभी मिलेगी, जब वे एक गवाह और ग्रामसभा का अनुमोदन प्राप्त करेंगे। इसके लिए सुक्खू सरकार ने एक विस्तृत योजना तैयार की है। हिमाचल सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक में रविवार को अतिक्रमण नियमितीकरण नीति-2026 को मंजूरी दी है। यह नीति केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद लागू होगी।

    शर्तों के साथ मिलेगी राहत

    इस नीति का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा जो अपने दावे के समर्थन में एक गवाह प्रस्तुत करेंगे और संबंधित ग्राम सभा से अनुमोदन प्राप्त करेंगे। नीति के तहत सरकारी भूमि पर किए गए कब्जों को निर्धारित शर्तों के आधार पर नियमित करने का प्राविधान किया गया है। 

    1.67 लाख किसानों ने किए हैं कब्जे

    प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, कब्जाधारी को यह साबित करना होगा कि वह लंबे समय से संबंधित भूमि का उपयोग कर रहा है। प्रदेश में 1.67 लाख किसान हैं जिन्होंने सरकारी जमीन पर कब्जा किया है, लेकिन लाभ केवल उन्हीं को मिलेगा जिनके पास सारी जमीन 20 बीघा से कम है। जिनके पास पहले से 20 बीघा से अधिक भूमि है, उन्हें इसका लाभ नहीं मिलेगा।

    छोटे किसानों के लिए नीति

    छोटे किसान और भूमिहीन परिवार वर्षों से सरकारी भूमि पर खेती-बाड़ी कर अपनी आजीविका चला रहे हैं। ऐसे परिवारों को कानूनी सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से यह नीति तैयार की गई है। हालांकि, लाभ केवल उन्हीं मामलों में मिलेगा जो नीति के तय मानदंडों और कानूनी शर्तों को पूरा करेंगे।

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    वर्षों से सरकारी जमीन पर जिनके कब्जे हैं और जिनके पास कम भूमि है, उन्हीं को इसका लाभ मिलेगा। फर्जी दावों को रोकने के लिए सत्यापन प्रक्रिया होगी। 
    -जगत सिंह नेगी, राजस्व मंत्री।

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