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    'हिमाचल प्रदेश में यूपी के योगी मॉडल की जरूरत', भाजपा विधायकों ने कांग्रेस सरकार को क्यों दी सलाह?

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Sat, 28 Mar 2026 12:41 PM (GMT+05:30)

    हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में भाजपा विधायकों ने कानून व्यवस्था, राजनीतिक द्वेष और भ्रष्टाचार को लेकर कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। सतपाल सत् ...और पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश के ऊना से भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने राज्य में यूपी के मुख्यमंत्री योगी का मॉडल चलाने की सलाह दी।

    हिमाचल प्रदेश के ऊना से भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने राज्य में यूपी के मुख्यमंत्री योगी का मॉडल चलाने की सलाह दी।

    HighLights

    1. भाजपा विधायकों ने कानून व्यवस्था पर सरकार को घेरा।

    2. प्रदेश में 'योगी मॉडल' अपनाने की वकालत की गई।

    3. नशे, भूमि घोटाले और राजनीतिक द्वेष पर चिंता व्यक्त।

    राज्य, ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में बजट सत्र के दौरान कटौती प्रस्ताव पर चर्चा में विपक्ष ने सरकार को कानून व्यवस्था और राजनीतिक द्वेष से हो रही कार्रवाई पर घेरा। भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती, रणधीर शर्मा और बिक्रम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था सुधारने के लिए उत्तर प्रदेश का योगी माडल अपनाने की आवश्यकता है।

    उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस नेताओं की आवभगत और सुरक्षा में व्यस्त है, जबकि विरोधियों के खिलाफ राजनीतिक द्वेष से कार्रवाई की जा रही है।

    अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा : सत्ती

    सत्ती ने कहा कि प्रदेश में अपराधियों को संरक्षण दिया जा रहा है और अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। सवाल उठाया कि जिस सरकार में मुख्य सचिव और डीजीपी कार्यवाहक होंगे, वहां की स्थिति क्या होगी?

    सरकार का कर्तव्य है कि वह ईमानदार लोगों का संरक्षण करे और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करे। सुझाव दिया कि कानून व्यवस्था सुधारने के लिए योगी की तरह काम करना चाहिए, जिससे अपराधियों की स्थिति खराब हो सके।

    अधिकारी की संपत्ति की हो जांच

    सत्ती ने कहा कि प्रदेश में केवल दो राष्ट्रीय दल हैं, इसलिए अच्छा या बुरा दोनों ही पार्टियों पर आएगा। सरकार के एक बड़े अधिकारी द्वारा पंचकूला में जमीन खरीदने की गलत जानकारी देने का मुद्दा उठाया और कहा कि अधिकारी बार-बार ऊना में सेवाएं प्रदान करने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि उनकी संपत्ति की जांच होनी चाहिए। उन्होंने ऊना में बिगड़ती कानून व्यवस्था और पूर्व विधायक के होटल में हुए गैंगवार का भी उल्लेख किया।

    गन कल्चर पनप गया

    बिक्रम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में नशा फैल चुका है। जनवरी 2023 से लेकर 2026 तक नशे की ओवरडोज से 66 लोगों की मौत हो चुकी है। आपराधिक मामले लगातार बढ़ रहे हैं और राजनीतिक द्वेष से मामले बनाए जा रहे हैं। रणधीर शर्मा ने आरोप लगाया कि सरकार के कर्णधार आपराधिक तत्वों को संरक्षण दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार में गन कल्चर पनप गया है और प्रदेश के कई स्थानों पर गोलीकांड हुए हैं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

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    परमार ने पूछा, हिमाचल को क्यों बेचा जा रहा

    भाजपा विधायक विपिन सिंह परमार ने भूमि घोटाले का मामला उठाते हुए पूछा कि हिमाचल को क्यों बेचा जा रहा है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी बद्दी ने तीन वर्ष में नियम 118 के तहत सरकार की अनुमति के बिना 154 मामलों में अनुमति दी है। भूमि के प्रयोग के बदलाव के भी कई मामले सामने आ रहे हैं। राजस्व विभाग के अधिकारी धर्मशाला से पालमपुर में ही सेवाएं करना चाहते हैं, जिसकी जांच की आवश्यकता है। परमार ने पालमपुर के बनूरी में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीनों का मालिकाना हक बदलने और राजस्व विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। 

    जयराम बोले-हो रही वादतातें, देवभूमि में लोग भयभीत

    इससे पहले नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि देवभूमि में लोग भयभीत हैं क्योंकि इस तरह की वारदातें हो रही हैं, जो डराने वाली हैं। दिनदहाडे गोलियां चल रही हैं, नशे का प्रचलन बढ रहा हैं। स्वयं पुलिस वाले नशे की तस्करी में संलिप्त है। 1534 लोगों के गुमशुदगी के मामले दर्ज हैं। हत्या के 239, दुष्कर्म के 1011 मामले दर्ज हो चुके हैं। नालागढ़ में धमाका हो गया और पुलिस को भी दबंगों ने पीटा। इस तरह की स्थिति प्रदेश में ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ छूट नहीं होनी चाहिए। जयराम ने कहा कि प्रदेश में राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से काम किया जा रहा है। 

    भाजपा के विधायक जो पहले कांग्रेस में थे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, उन्हें कई-कई घंटे तक पुलिस थाने में बिठाया जा रहा है। एक विधायक के घर का रास्ता तक रोक दिया। उन्होंने सराज में लोगों पर मामले दर्ज करने को लेकर भी विरोध जताया। वहां पर लोग केवल विरोध दर्ज कर रहे थे, जिनपर राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से मामले दर्ज किए हैं। मुख्यमंत्री ने इसका विरोध किया और कहा कि तिरंगे का अपमान सहन होगा। उन लोगों ने तिरंगे का अपमान किया था।

     

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