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    हिमाचल में महिलाओं के मुकाबले पुरुषों की मृत्यु दर 39 प्रतिशत अधिक, आंकड़ों ने चौंकाया; आखिर क्या है वजह?

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Sun, 14 Jun 2026 04:31 PM (GMT+05:30)

    हिमाचल प्रदेश में पुरुषों की मृत्यु दर महिलाओं की तुलना में 39% अधिक दर्ज की गई है, जो एक चिंताजनक स्वास्थ्य तस्वीर पेश करती है। विशेषज्ञों के अनुसार, ...और पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश में पुरुषों की मृत्यु दर महिलाओं से अधिक है। प्रतीकात्मक फोटो

    हिमाचल प्रदेश में पुरुषों की मृत्यु दर महिलाओं से अधिक है। प्रतीकात्मक फोटो

    HighLights

    1. हिमाचल में पुरुषों की मृत्यु दर महिलाओं से 39% अधिक।

    2. जीवनशैली संबंधी बीमारियां पुरुषों में अधिक मृत्यु का मुख्य कारण।

    3. स्वास्थ्य जांच में लापरवाही और तनाव भी प्रमुख कारक हैं।

    चैतन्य ठाकुर, शिमला। हिमाचल प्रदेश में पुरुषों की सेहत को लेकर चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। भारत सरकार की सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एसआरएस) रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में महिलाओं की तुलना में पुरुषों की मृत्यु दर लगभग 39 प्रतिशत अधिक दर्ज की गई है। रिपोर्ट बताती है कि पहाड़ में पुरुषों की सेहत महिलाओं के मुकाबले अधिक जोखिम में है। राज्य में कुल मृत्यु दर 6.7 प्रति हजार आबादी है। इसमें पुरुषों की मृत्यु दर 7.8 प्रति हजार जबकि महिलाओं की 5.6 प्रति हजार रही।

    ग्रामीण क्षेत्र में अंतर और बड़ा

    ग्रामीण क्षेत्रों में यह अंतर और भी बड़ा दिखाई देता है। ग्रामीण क्षेत्र में पुरुषों की मृत्यु दर 8.4 प्रति हजार दर्ज की गई, जबकि महिलाओं में यह 5.4 प्रति हजार रही। शहरी क्षेत्रों में पुरुषों की मृत्यु दर 6.8 और महिलाओं की 5.8 प्रति हजार है। 

    राष्ट्रीय औसत से भी अधिक

    रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल की कुल मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत 6.4 प्रति हजार से भी थोड़ी अधिक है। आयु वर्ग के आंकड़े भी पुरुषों की स्थिति को लेकर चिंता बढ़ाते हैं। 40 से 44 वर्ष आयु वर्ग में पुरुषों की मृत्यु दर 4.8 प्रति हजार रही, जबकि महिलाओं की 1.5 प्रति हजार दर्ज की गई। 45 से 49 वर्ष आयु वर्ग में पुरुषों की मृत्यु दर 6.1 और महिलाओं की 1.4 प्रति हजार रही। 55 से 59 वर्ष आयु वर्ग में पुरुषों की मृत्यु दर 8.9, जबकि महिलाओं में यह 3.1 प्रति हजार रही। 

    अन्य राज्यों में कैसी स्थिति

    अन्य राज्यों से तुलना करें तो हिमाचल की तस्वीर मिश्रित दिखाई देती है। देश में सबसे कम मृत्यु दर दिल्ली में 4.5 प्रति हजार दर्ज की गई है, जबकि छत्तीसगढ़ में यह 8.4 प्रति हजार रही। हिमाचल 6.7 प्रति हजार के साथ इन दोनों के बीच खड़ा है, लेकिन पुरुष और महिला मृत्यु दर के बीच का अंतर चिंता का विषय बनकर उभरा है।

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    क्या कहते हैं विशेषज्ञ

    विशेषज्ञों का मानना है कि पुरुषों में हृदय रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, धूमपान और शराब का सेवन जैसी जीवनशैली संबंधी समस्याएं अधिक पाई जाती हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य जांच में लापरवाही, कामकाजी तनाव और दुर्घटनाओं का जोखिम भी पुरुषों में ज्यादा रहता है। यही कारण है कि कई आयु वर्गों में पुरुषों की मृत्यु दर महिलाओं से काफी ऊपर दिखाई देती है। प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के साथ पुरुषों के लिए विशेष स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है। नियमित स्वास्थ्य जांच, नशे से दूरी, संतुलित खानपान और सक्रिय जीवनशैली अपनाकर इस अंतर को कम किया जा सकता है। 

    मुख्य आंकड़े

    • कुल मृत्यु दर : 6.7 प्रति हजार
    • पुरुष मृत्यु दर : 7.8 प्रति हजार
    • महिला मृत्यु दर : 5.6 प्रति हजार
    • ग्रामीण पुरुष मृत्यु दर : 8.4 प्रति हजार
    • ग्रामीण महिला मृत्यु दर : 5.4 प्रति हजार
    • शहरी पुरुष मृत्यु दर : 6.8 प्रति हजार
    • शहरी महिला मृत्यु दर : 5.8 प्रति हजार
    • दिल्ली की मृत्यु दर : 4.5 प्रति हजार (सबसे कम)
      छत्तीसगढ़ की मृत्यु दर : 8.4 प्रति हजार (सबसे अधिक)

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