'हिमाचल के लिए नाइंसाफी वाला शुक्ल का कार्यकाल', मंत्री नेगी का पूर्व राज्यपाल पर बड़ा हमला; ...गैर जिम्मेदाराना था बयान
हिमाचल के मंत्री जगत सिंह नेगी ने पूर्व राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल के कार्यकाल को जनजातीय क्षेत्रों के लिए नाइंसाफी वाला बताया। उन्होंने कहा कि शुक्ल न ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश के राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी व पूर्व राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल।
HighLights
पूर्व राज्यपाल शुक्ल का कार्यकाल जनजातीय क्षेत्रों के लिए नाइंसाफी भरा।
नौतोड़ मामलों को मंजूरी न देने पर मंत्री नेगी ने साधा निशाना।
नए राज्यपाल से सकारात्मक परिणामों की उम्मीद जताई नेगी ने।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार के राजस्व एवं जनजातीय मामलों के मंत्री जगत सिंह नेगी ने राज्य के पूर्व राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल पर तीखा हमला बोला है। नेगी ने पूर्व राज्यपाल के कार्यकाल को प्रदेश की जनजातीय क्षेत्र के लोगों के लिए नाइंसाफी वाला बताया। उन्होंने कहा कि नौतोड़ मामले में राज्यपाल ने मंजूरी न देकर सीमावर्ती क्षेत्र में रह रहे जनजातीय लोगों के साथ अन्याय किया। नेगी ने कहा कि पूर्व राज्यपाल का हिमाचल में कार्य संस्कृति वाला बयान संवैधानिक पद पर होते हुए गैर जिम्मेदाराना था।
शिमला स्थित राज्य सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए नेगी ने कहा कि राज्यपाल जनजातीय क्षेत्रों के संरक्षक होते हैं। भारत के संविधान के अनुच्छेद छह के तहत राज्यपाल को जनजातीय क्षेत्रों के लिए विशेष अधिकार प्राप्त होते हैं। उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में भूमिहीन लोगों को भूमि देने के लिए प्रयास किए।
भूमि देने के मुद्दे पर आठ बार मिले
नेगी ने आरोप लगाया कि वह इस मुद्दे को लेकर पूर्व राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल से आठ बार मिलने गए, लेकिन तीन साल से लंबित नौतोड़ के मामले में कोई प्रगति नहीं हुई। उन्होंने कहा कि उन्होंने नौवीं बार भी मिलने की कोशिश की, लेकिन राज्यपाल टिप्पणी करके चले गए।
नेगी ने नए राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता से भी इस विषय पर मुलाकात करने की बात कही और उम्मीद जताई कि इस बार कुछ सकारात्मक परिणाम मिलेंगे।
केंद्र सरकार पर साधा निशाना
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनकी गलत नीतियों के कारण देश को आर्थिक नुकसान हो रहा है और आज देश में गैस सिलिंडर की कमी हो गई है।
नेगी ने पूर्व राज्यपाल के कार्य संस्कृति वाले बयान पर कहा कि यदि राज्यपाल को जानकारी नहीं दी जा रही थी, तो संवैधानिक पद पर होने के नाते उन्हें कार्रवाई करनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और लोगों को गुमराह कर दिया।
स्वयं कौन सी मित्र मंडली चला रहे थे जयराम, सबको पता है
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बयानों पर भी नेगी ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर हर मामले के विशेषज्ञ नहीं हो सकते। राजस्व घाटा अनुदान के मुद्दे पर उन्होंने सवाल उठाया कि जयराम ठाकुर के मुंह पर ताला क्यों है। जयराम के उस बयान पर कि “मंत्रिमंडल नहीं, मित्र मंडल सरकार चला रहा है”, नेगी ने कहा कि अपने कार्यकाल में जयराम ठाकुर किस तरह का ‘मित्र मंडल’ चला रहे थे, यह सबको पता है।
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तीसरे मोर्चे पर कसा तंज, बाजार में मिलते हैं जिताऊ उम्मीदवार?
प्रदेश में तीसरे मोर्चे की चर्चा पर नेगी ने तंज करते हुए कहा कि क्या बाजार में जिताऊ उम्मीदवार मिलते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के भीतर उथल-पुथल चल रही है, तो ऐसा भी संभव है। लोकतंत्र में किसी को भी राजनीतिक दल बनाने और चुनाव लड़ने की आजादी है। तीसरे मोर्चे से कांग्रेस को नुकसान होने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि यह देखना होगा कि उस मोर्चे में कौन-कौन शामिल होता है।