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    भाजपा MLA सुधीर शर्मा की बढ़ी मुश्किलें: एक और FIR के साथ विरोध में प्रदर्शन, विजिलेंस आय के स्रोत खंगालने में जुटी

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Sat, 08 Aug 2026 01:00 PM (IST)

    भाजपा विधायक सुधीर शर्मा पर आय से अधिक संपत्ति के बाद सीएम सुक्खू पर टिप्पणी को लेकर एक और FIR दर्ज हुई है। विजिलेंस उनके चुनावी हलफनामों, बैंक खातों ...और पढ़ें

    धर्मशाला से भाजपा विधायक सुधीर शर्मा। जागरण आर्काइव

    धर्मशाला से भाजपा विधायक सुधीर शर्मा। जागरण आर्काइव

    HighLights

    1. सुधीर शर्मा पर सीएम सुक्खू पर टिप्पणी को लेकर नई FIR.

    2. विजिलेंस आय से अधिक संपत्ति मामले में मनी ट्रेल की जांच कर रही.

    3. चुनावी हलफनामे, बैंक खाते सहित 20 वित्तीय बिंदुओं की पड़ताल.

    जागरण संवाददाता, शिमला। धर्मशाला से भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आय से अधिक संपत्ति मामले के बाद उन पर एक और एफआईआर दर्ज हुई है। यह मामला सीएम सुक्खू के विरुद्ध शिमला प्रदर्शन के दौरान की गई टिप्पणी पर दर्ज किया गया है। वहीं, विधायक के खिलाफ प्रदेश भर में प्रदर्शन हो रहे हैं। शनिवार को हमीरपुर के भोरंज में महिला कांग्रेस ने उनके खिलाफ प्रदर्शन किया।

    विजिलेंस ने मनी ट्रेल पर केंद्रित की जांच

    विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो ने जांच का फोकस वित्तीय दस्तावेजों व कथित मनी ट्रेल पर केंद्रित कर दिया है। सूत्रों के अनुसार जांच एजेंसी अब उनके चुनावी हलफनामों, आयकर रिटर्न, बैंकिंग रिकार्ड, जमीन व भवन से जुड़े दस्तावेजों के साथ-साथ निवेश व अन्य वित्तीय लेन-देन का मिलान कर रही है।

    वित्तीय स्रोत पर भी फोक्स

    सूत्रों के अनुसार एफआइआर से पहले की गई प्रारंभिक जांच के दौरान जुटाए दस्तावेजों को नियमित जांच का आधार बनाया गया है। जांच एजेंसी का फोकस केवल संपत्तियों की संख्या पर नहीं, बल्कि उनके वित्तीय स्रोत पर है। जिस लेनदेन या संपत्ति के संबंध में रिकार्ड अधूरा या संदिग्ध पाया जाता है तो संबंधित विभागों से अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। जरूरत पड़ने पर संबंधित व्यक्तियों के बयान भी दर्ज किए जा सकते हैं।

    20 प्रमुख बिंदुओं की सूची तैयार

    विजिलेंस सूत्र बताते हैं कि जांच के दौरान करीब 20 प्रमुख वित्तीय बिंदुओं की सूची तैयार की गई है। इनमें आयकर रिटर्न, चुनावी हलफनामे, बैंक खाते, नकद और डिजिटल लेनदेन, निवेश, कृषि आय, वाहन, ऋण, कंपनियों या साझेदारी में हिस्सेदारी, पारिवारिक सदस्यों के नाम पर दर्ज संपत्तियां व अन्य वित्तीय रिकॉर्ड शामिल हैं। इन सभी बिंदुओं का स्वतंत्र सत्यापन किया जा रहा है। 

    खबरें और भी

    डिजिटल विश्लेषण के बाद अब दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन भी शुरू हो गया है। राजस्व रिकार्ड, रजिस्ट्री, बैंक दस्तावेज और अन्य अभिलेखों का मूल रिकार्ड से मिलान किया जा रहा है। विजिलेंस का कहना है कि जांच कानून के दायरे में और उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। 

    सुधीर कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बता रहे

    सुधीर शर्मा पहले ही एफआइआर को राजनीति से प्रेरित बताते हुए सभी आरोपों को नकार चुके हैं। अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में नजर इस बात पर रहेगी कि दस्तावेजों की यह गहन पड़ताल जांच को किस दिशा में ले जाती है। यदि वित्तीय रिकार्ड और घोषित आय के बीच कोई महत्वपूर्ण विसंगति सामने आती है तो जांच का दायरा बढ़ सकता है। यदि दस्तावेज घोषित स्रोतों की पुष्टि करते हैं तो वह भी जांच का हिस्सा होंगे।

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