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    हिमाचल में सत्ता का सेमीफाइनल: जीत के लिए कांग्रेस ने झोंकी पूरी ताकत, चार नगर निगम का क्या है गणित?

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Sat, 16 May 2026 01:44 PM (IST)

    हिमाचल प्रदेश के चार नगर निगमों सहित 51 शहरी निकायों के लिए चुनाव प्रचार थम गया है, रविवार को मतदान होगा। कांग्रेस ने इन चुनावों को 'सत्ता का सेमीफाइन ...और पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश में शहरी निकाय चुनाव के लिए कल मतदान होगा।

    हिमाचल प्रदेश में शहरी निकाय चुनाव के लिए कल मतदान होगा।

    HighLights

    1. हिमाचल के चार नगर निगमों में चुनाव प्रचार समाप्त।

    2. कांग्रेस ने इन चुनावों को 'सत्ता का सेमीफाइनल' माना।

    3. मुख्यमंत्री सुक्खू, मंत्री, विधायक प्रचार में सक्रिय रहे।

    राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश के चार नगर निगम के लिए चुनाव प्रचार थम चुका है। अब चार नगर निगम सहित 51 शहरी निकायों में रविवार को मतदान होगा। निकाय चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत झोंकी। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू स्वयं भी प्रचार में सक्रिय रहे। पूरा मंत्रिमंडल और विधायकों ने भी प्रचार को गति देने में कोई कमी नहीं छोड़ी। अब जनता की बारी है, जो तय करेगी कि उनकी पसंद कौन है। मुख्यमंत्री सुक्खू ने तीन दिन तक चारों नगर निगमों में प्रचार किया।

    राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण चुनाव

    कांग्रेस सरकार के लिए यह चुनाव राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। कांग्रेस सरकार ने साढ़े तीन साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है और अगले एक साल तक प्रदेश में कोई बड़ा चुनाव नहीं है। इस प्रकार, यह चुनाव कांग्रेस के लिए सत्ता का सेमीफाइनल माना जा रहा है। चुनाव में जीत हासिल करना राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    पूर्व के चुनावों में देखा गया है कि जिनकी सरकार होती है, उन्हें निकाय चुनावों में लाभ मिलता है।इस बार परिस्थितियां भिन्न हैं।

    मंत्रियों व विधायकों की वार्ड स्तर पर रही ड्यूटी

    कांग्रेस पार्टी ने मंत्रियों को नगर निगम चुनाव में पर्यवेक्षक बनाकर महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है, जबकि विधायकों को वार्ड स्तर पर ड्यूटी दी। यदि वे जीत जाते हैं, तो उनका चुनावी कौशल पार्टी में उनके कद को बढ़ाएगा।

    अध्यक्ष बनने के बाद विनय कुमार का पहला चुनाव

    नगर निगम का यह चुनाव कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार के लिए भी महत्वपूर्ण है। अध्यक्ष बनने के बाद उनके नेतृत्व में यह पहला चुनाव है। उन्होंने हर मंत्री और विधायक को चुनावी ड्यूटी दी है, जिससे उनकी राजनीतिक क्षमता भी प्रदर्शित होगी। कांग्रेस ने चुनाव के लिए पार्टी मुख्यालय में वार रूम भी स्थापित किया है, जहां से हर नगर निगम के चुनाव पर नजर रखी जा रही है।

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    चारों नगर निगम में खिलेगा कमल, सरकार के खिलाफ जनता में आक्रोश : जयराम

    उधर, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने दावा किया कि प्रदेश के चारों नगर निगमों मंडी, पालमपुर, धर्मशाला व सोलन में कमल खिलेगा और भाजपा भारी बहुमत के साथ ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगी क्योंकि कांग्रेस सरकार के खिलाफ जनता में आक्रोश है। उन्होंने कहा कि सरकार की जनविरोधी नीतियों व झूठी गारंटियों से हिमाचल की जनता का मोहभंग हो चुका है। प्रदेश का हर वर्ग सरकार की कार्यप्रणाली से त्रस्त है और इसे सत्ता से उखाड़ फेंकने का मन बना चुका है। 

    नगर निगम पर कहां किसका राज

    मंडी नगर निगम पर भाजपा का कब्जा है। पालमपुर में कांग्रेस शासित नगर निगम है। इसी तरह सोलन में महापौर कांग्रेस जबकि उप महापौर भाजपा का है। इसी तरह धर्मशाला में महापौर कांग्रेस का है और उपमहापौर भाजपा का है।

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