Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Himachal School Closed: हिमाचल में 419 स्कूल हुए मर्ज तो 99 परमानेंट बंद, सुक्खू सरकार ने आखिर क्यों लिया यह फैसला?

    Updated: Sun, 18 Aug 2024 05:59 PM (IST)

    हिमाचल सरकार ने प्रदेश में 419 स्कूलों को मर्ज कर दिया है। वहीं 99 स्कूलों को बंद कर दिया है। इस बाबत आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। जिन स्कूलों को बंद क ...और पढ़ें

    Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश में 419 स्कूलों को किया मर्ज
    Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश में 419 स्कूलों को किया मर्ज

    HighLights

    1. प्रदेश मंत्रिमंडल की स्वीकृति मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने जारी की अधिसूचना
    2. 361 प्राथमिक व 58 माध्यमिक स्कूलों में थी पांच से कम छात्र
    3. 89 प्राथमिक व 10 माध्यमिक स्कूलों में किसी छात्र ने नहीं लिया था प्रवेश

    जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल सरकार ने पांच से कम छात्र संख्या वाले 419 स्कूलों को मर्ज कर दिया है। इनमें 361 प्राथमिक व 58 माध्यमिक स्कूल शामिल हैं। शून्य दाखिले वाले 99 स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी किया है। इनमें 89 प्राथमिक और 10 माध्यमिक स्कूल हैं।

    इन स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2024-25 में किसी भी विद्यार्थी ने दाखिला नहीं लिया है। जिन स्कूलों को मर्ज किया गया है, उनमें पढ़ रहे विद्यार्थियों का दाखिला साथ लगते स्कूलों में करवाया जाएगा। इसको लेकर भी विभाग की ओर से निर्देश जारी कर दिए हैं।

    शिक्षा विभाग ने जारी की अधिसूचना

    प्रदेश मंत्रिमंडल की स्वीकृति मिलने के बाद शनिवार को सचिव शिक्षा विभाग राकेश कंवर की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है।

    प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में इन स्कूलों को मर्ज व बंद करने का निर्णय लिया था। पहले सरकार ने इन स्कूलों में तैनात गैर शिक्षक कर्मचारियों के तबादले किए।

    उसके बाद अब शिक्षकों के भी तबादले कर दिए हैं। सरकार ने स्कूलों को मर्ज करने के लिए दूरी तय की थी। प्राथमिक स्कूलों के लिए यह दूरी दो किलोमीटर व माध्यमिक के लिए तीन किलोमीटर रखी गई थी। पर्याप्त स्टाफ मिलेगा।

    पढ़ाई के लिए बेहतर होगी सुविधा

    शिक्षा विभाग का कहना है कि सरकार के इस फैसले से स्कूलों में पर्याप्त स्टाफ मिलेगा। हर विषय के शिक्षक अब स्कूल में होंगे और पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल बच्चों को मिलेगा। प्रतिस्पर्धा की भावना विद्यार्थियों में पैदा होगी। स्कूलों के संसाधन भी साझा कर सकेंगे।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें- Himachal Disaster: हिमाचल में बादल फटने से हाहाकार, बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 31 लोगों की मौत; 121 घर तबाह