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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Himachal News: सीएम सुक्खू ने पेश की अनूठी मिशाल, दुर्गम इलाके डोडरा क्वार का दौरा कर जीता दिल; लोगों में जगी उम्मीद

    Updated: Sun, 27 Oct 2024 05:18 PM (GMT+05:30)

    हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने डोडरा क्वार क्षेत्र का दौरा किया जो राज्य के सबसे दुर्गम क्षेत्रों में से एक है। इस यात्रा का उद् ...और पढ़ें

    Himachal News: सीएम सुक्खू ने पेश की अनूठी मिशाल।
    Himachal News: सीएम सुक्खू ने पेश की अनूठी मिशाल।

    अनिल ठाकुर, शिमला। राजधानी शिमला से करीब 200 किलोमीटर दूर डोडरा क्वार क्षेत्र। कर्मचारी व अधिकारी का यहां तबादला हो जाए तो उसे सजा के रूप में देखा जाता है। तबादला रुकवाने के लिए तमाम तरह की कोशिश की जाती है।

    कोशिश नाकाम हो जाए तो कई बार घर की विपरीत परिस्थिति व चिकित्सा जरूरत तक बता दी जाती है, ताकि किसी भी तरह यहां पर जाने से बचा जा सके।

    डाेडरा क्वार दुर्गम क्षेत्र है, जो साल में छह महीने शेष दुनिया से पूरी तरह कट जाता है। बर्फबारी में बिजली कट जाए तो कब आएगी पता नहीं, सड़क से बर्फ हटाने का मतलब नए सिरे से सड़क बनाना है।

    मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम के लिए इस क्षेत्र को चुना। मंशा साफ है, बदलाव करने की ठानी है तो शुरुआत खुद से ही की जाएगी।

    'ग्राउंड जीरो पर पहुंचेंगे नीति निर्धारक तो दूर होंगी समस्याएं'

    ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को मजबूत करने की सरकार बात करती है। नीति निर्धारक जब ग्राउंड जीरो पर पहुंचेंगे तो समस्याएं भी दूर होंगी और अर्थ व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नए आइडिया पर काम भी होगा। समस्या का समाधान तभी होगा जब उसे महसूस किया जाए। मुख्यमंत्री ने रात्रि ठहराव के दौरान यहां की जीवन शैली से लेकर समस्याओं काे गहनता से जाना।

    मुख्यमंत्री के दौरे से गांव पहुंचते ही सड़क की हालत सुधर गई। लोगों को एक और बस की सुविधा मिल गई। उत्तराखंड से इस क्षेत्र को जोड़ा जाएगा ताकि एक वैकल्पिक व्यवस्था आने जाने की रहें। इस क्षेत्र को मुख्य धारा में कैसे लाया जाए इस पर काम शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री का यह दौरा हिमाचल की राजनीति में भी एक अनूठी मिसाल पेश कर गया है।

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    'अधिकारी-कर्मचारी यहां जाने से कतराए नहीं'

    इसके बाद मुख्यमंत्री कुपवी व पांगी जैसे दुर्गम क्षेत्रों में भी जाएंगे। एसडीएम कार्यालय और सिविल अस्पताल में आवासी सुविधा, गांव में अच्छी नालियां, पक्के रास्ते बनाने का मकसद ये है कि गांव सुंदर हो और अधिकारी कर्मचारी यहां जाने से कतराए नहीं।

    उत्तराखंड से सड़क सुविधा से यदि यह गांव जुड़ जाता है तो एक बड़ी समस्या हल होगी। सड़कों का नेटवर्क मजबूत करने के साथ यह भी प्रयास करने होंगे कि 12 महीने सड़क को खुला रखा जाए। डोडरा क्वार में पंडार गांव है, जो अभी तक सड़क सुविधा से नहीं जुड़ा है।

    12 किलोमीटर लम्बी पंडार सड़क निर्माण के लिए एफसीए की सभी औपचारिकताएं जल्द से जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

    लोगों को भी पता चला कि क्या है समस्याएं

    जनजातीय क्षेत्रों की समस्याओं के बारे में तो लोगों को पता होता है, लेकिन प्रदेश के दुर्गम क्षेत्र जिनमें समस्याओं की भरमार है उनके बारे में लोगों को पता ही नहीं होता। मुख्यमंत्री के क्वार गांव में रात्रि ठहराव से यह क्षेत्र भी चर्चा में आ गया है।