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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Himachal News: विधानसभा में पास हुआ स्टांप ड्यूटी विधेयक, भूमि खरीद पर महिलाओं को मिलेगा लाभ

    By Jagran NewsEdited By: Mohammad Sameer
    Updated: Sun, 24 Sep 2023 05:00 AM (IST)

    नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि विपक्ष को जो अब संशोधन पेश किया गया उसकी कापी नहीं दी गई। इसपर दोनों तरफ के विधायकों में नोकझोंक हुई। विपक्ष के स ...और पढ़ें

    विधानसभा में पास हुआ स्टांप ड्यूटी विधेयक (file photo)
    विधानसभा में पास हुआ स्टांप ड्यूटी विधेयक (file photo)

    HighLights

    1. विपक्ष की गैर मौजूदगी में सरकार ने स्टांप ड्यूटी विधेयक किया पारित
    2. सुक्खू बोले- विपक्ष प्रदेश विरोधी होने के साथ महिला विरोधी भी
    3. महिलाओं को राहत, 80 लाख रुपये तक भूमि खरीद पर चार प्रतिशत स्टांप ड्यूटी

    राज्य ब्यूरो, शिमला: हिमाचल सरकार ने भूमि खरीद पर स्टांप ड्यूटी में संशोधन कर महिलाओं को बड़ी राहत दी है। अब महिलाओं को 80 लाख रुपये तक की भूमि खरीद पर चार प्रतिशत ही स्टांप ड्यूटी देने होगी, इससे पहले यह छूट 50 लाख रुपये तक थी।

    पुरुषों को 50 लाख पर छह प्रतिशत और इससे अधिक की खरीद पर आठ प्रतिशत का प्रविधान है। इसके अलावा जनरल पावर आफ अटार्नी (जीपीए) शुल्क को 100 से 1000, 150 से 1500 और 200 से 2000 रुपये किया गया है। न्यूनतम 1000 पर 5000 रुपये स्टांप ड्यूटी किया गया है। शिमला स्थित विधानसभा में मानसून सत्र के दौरान राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने स्टांप ड्यूटी विधायक में यह संशोधन प्रस्ताव पेश किया, जिसे पास कर दिया।

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    हालांकि विपक्ष ने सत्ता पक्ष की कम संख्या की मौजूदगी में इसे पारित करने के प्रयास के विरोध में सदन से बहिर्गमन किया। विपक्ष का सुझाव था कि 100 की जगह 200 रुपये जीपीए करना तो सराहनीय है, लेकिन 100 को सीधे 1000 रुपये करना उचित नहीं रहेगा। इस पर नेगी ने कहा कि कर्ज लेकर कब तक घी पीते रहेंगे।

    इसका प्रभाव बहुत कम लोगों पर पड़ेगा। हमने पड़ोसी राज्य हरियाणा, पंजाब का अध्ययन करने के बाद स्टांप ड्यूटी संशोधन करने का निर्णय लिया। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि विपक्ष को जो अब संशोधन पेश किया गया, उसकी कापी नहीं दी गई। इसपर दोनों तरफ के विधायकों में नोकझोंक हुई।

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    विपक्ष के सदन से बाहर चले जाने के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि विपक्ष प्रदेश विरोधी होने के साथ-साथ महिला विरोधी भी है। पहले आपदा पर चर्चा के दौरान मौन बैठे रहे और अब महिलाओं को राहत दे रहे हैं तो विरोध कर रहे हैं। कई ऐसी प्रापर्टी है, जोकि पावर आफ अटार्नी के तहत बिक रही हैं।

    इसलिए स्टांप ड्यूटी बढा़ई जा रही है। भोजन अवकाश से पहले विधेयक पर चर्चा हो चुकी है, सरकार ने सुझाव अनुसार महिलाओं को और राहत देने के लिए यह प्रविधान किया है। ऐसे में विपक्ष की गैर मौजूदगी में विधेयक को पारित कर दिया गया। इस संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्षी विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि स्टांप ड्यूटी में दस गुणा वृद्धि सही नहीं है।

    भाजपा विधायक त्रिलोक जम्बाल का कहना था कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्टांप ड्यूटी वृद्धि चुकाने में लोग असमर्थ होंगे। जयराम ठाकुर का सुझाव था कि पांच प्रतिशत की वृद्धि उचित मानी जा सकती है।

    मुकेश और जयराम में नोकझोंक

    इस दौरान उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर में भी नोकझोंक हुई। जयराम ने मुकेश को कहा की किस तरह से बात कर रहे हैं। इस तरह से विधेयक पास नहीं हो सकते। वह छह बार के विधायक हैं। इस पर मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि मैं भी पांच बार का विधायक हूं।

    जयराम ठाकुर ने कहा कि जब विधेयक पेश किया जा रहा था तब विपक्ष के 22 सदस्य मौजूद थे, जबकि सत्ता पक्ष की तरफ से केवल 17 ही सदस्य मौजूद थे। ऐसे में जब स्थिति पारित करने की आई तब बाहर से भाग कर आए हैं वो काउंट नहीं हो सकते हैं।

    विपक्ष विरोध के लिए विरोध कर रहा: पठानिया

    विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने व्यवस्था देते हुए कहा कि विपक्ष की ओर से डिवीजन व हेड काउंट के लिए नहीं कहा था। इस संशोधन विधेयक में ऐसी कोई स्थिति पैदा नहीं हुई थी, विपक्ष केवल विरोध करने के लिए विरोध कर रहा।