यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Himachal News: हिमकेयर योजना में महंगा हो जाएगा इलाज? सरकारी अस्पतालों में उपचार सुविधा के साथ प्रीमियम राशि बढ़ाने की तैयारी
हिमकेयर योजना (Himcare Yojana) के तहत इलाज कराना अब शायद महंगा हो जाए। हिमाचल प्रदेश सरकार इसका प्रीमियम बढ़ाने पर विचार कर रही है। मौजूदा समय में यह ...और पढ़ें

HighLights
- हिमकेयर के तहत प्रीमियम की राशि को बढाने की तैयारी है
- मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडलीय उप-समिति लेगी निर्णय
- सरकारी कर्मचारियों के परिवारों के नहीं बनेंगे हिमकेयर कार्ड
राज्य ब्यूरो, जागरण, शिमला। आयुष्मान भारत योजना से वंचित लोगों के कैशलेस उपचार के लिए देश के सभी राज्यों में सबसे पहले हिमाचल में शुरू की गई हिमकेयर योजना (Himcare Yojana) को केवल सरकारी अस्पतालों में ही चलाने के पक्ष में सरकार है। इस संबंध में प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा हुई।
उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता वाली कमेटी को इसकी समीक्षा कर नए सिरे से नए नियम तैयार करने का जिम्मा सौंपा गया है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2019 में शुरू हुई इस योजना का प्रीमियम एक हजार रुपये ही है जबकि तब से लेकर उपकरणों सहित अन्य उपचार व ऑपरेशन के खर्च में वृद्धि हुई है। ऐसे में हिमकेयर के तहत प्रीमियम की राशि को बढाने की तैयारी है।
सरकारी कर्मचारी योजना में शामिल नहीं हो सकेंगे
इसके साथ अपने मुनाफे के लिए सिलेक्टिव सर्जरी करने वाले अस्पतालों में कैशलेस उपचार सुविधा को बंद करने की तैयारी है। सरकारी कर्मचारी और उसके परिवार भी हिमकेयर योजना में शामिल नहीं हो सकेंगे।
हिमकेयर को लेकर उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय उपसमिति बनाई गई है जिसमें चार अन्य मंत्री स्वास्थ्य मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, कृषि मंत्री चौधरी चंद्र कुमार व आयुष मंत्री यादविंद्र सिंह गोमा को शामिल किया गया है।
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ये समिति इस योजना की समीक्षा करेगी और अपने सुझाव व बदलाव सरकार को बताएगी। हिमाचल प्रदेश में हिमकेयर के तहत 8.53 लाख परिवार पंजीकृत हैं। जिन्हें कैशलेस उपचार सुविधा उपलब्ध है और सालाना 297 करोड़ रुपये का खर्च आता है। जिसमें से 60 प्रतिशत राशि सरकारी अस्पतालों और 40 प्रतिशत निजी अस्पतालों को जा रही है।
राज्य व बाहर के 141 निजी अस्पतालों में मिलता लाभ
हिमाचल व हिमाचल के बाहर 141 निजी स्वास्थ्य संस्थानों में हिमकेयर कार्ड चलता है। इसमें कैशलेस उपचार सुविधा है। अभी तक उपचार बंद होने को लेकर कोई सरकारी आदेश जारी नहीं हुए हैं। सरकारी अस्पतालों व निजी अस्पतालों की कुल संख्या 292 है।
370 करोड़ की है देनदारी
इस वित्तीय वर्ष में हिमकेयर के तहत सौ करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जो राशि पुराने बकाया को चुकता करने को जारी की गई थी। अभी भी 370 करोड़ की देनदारी है। जिसमें से 40 प्रतिशत राशि निजी अस्पतालों की है।