हिमाचल: NHAI प्रोजेक्ट डायरेक्टर पर 10 लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप, CBI ने दर्ज की FIR; एक महिला भी शामिल
हिमाचल प्रदेश में NHAI के एक प्रोजेक्ट डायरेक्टर पर फाइनल NOC जारी करने के लिए 10 लाख रुपये रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगा है। शिकायतकर्ता ने बताया क ...और पढ़ें

सीबीआई ने एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर पर एफआईआर की है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
NHAI प्रोजेक्ट डायरेक्टर पर 10 लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप।
रिश्वत न देने पर पेट्रोल पंप के सामने सड़क काटी गई।
सीबीआई ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की, पूछताछ जारी।
जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश में एनएचएआई (नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया) के एक प्रोजेक्ट डायरेक्टर पर फाइनल एनओसी जारी करने के नाम पर 10 लाख रुपये रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि जब उसने रिश्वत देने से इनकार किया तो उसके पेट्रोल पंप के सामने सड़क ही काट दी, जिससे कारोबार प्रभावित हो गया। शिकायत के बाद सीबीआई ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मोहाली निवासी ने की शिकायत
मोहाली निवासी ईशान धींगरा ने लिखित शिकायत में बताया कि वर्ष 2020 में उन्हें नायरा एनर्जी लिमिटेड की ओर से पेट्रोल पंप की डीलरशिप मिली थी। इसके बाद उन्होंने कांगड़ा जिले के नूरपुर क्षेत्र के गांव मोहल में पेट्रोल पंप स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की। इसके लिए पुलिस, वन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, आईपीएच और एनएचएआई सहित विभिन्न विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना जरूरी था।
फाइनल एनओसी के लिए मांगी रिश्वत
सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद एनएचएआई की ओर से 29 जून 2021 को प्रोविजनल एनओसी जारी की गई। बाद में सभी विभागों से अनुमति मिलने के बाद 31 अक्टूबर 2023 को फाइनल एनओसी भी जारी कर दी गई और मार्च 2025 में पेट्रोल पंप का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया।
शिकायत के अनुसार इसी दौरान एनएचएआई पालमपुर के प्रोजेक्ट डायरेक्टर ने टीम के साथ साइट का निरीक्षण किया। इसके बाद चंडीगढ़ की एक आर्किटेक्ट कंसल्टेंट सीमा के माध्यम से उनसे संपर्क किया गया। आरोप है कि फाइनल एनओसी से जुड़ी प्रक्रिया पूरी कराने के बदले उनसे 10 लाख रुपये रिश्वत मांगी गई।
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रकम देने से मना किया तो खोद दी सड़क
शिकायतकर्ता का कहना है कि जब उसने यह रकम देने से इनकार किया तो एनएचएआई की ओर से पेट्रोल पंप के सामने सड़क खोद दी गई, जिससे वहां आने-जाने का रास्ता प्रभावित हो गया।
पालमपुर बुलाकर दो घंटे इंतजार करवाया
शिकायत में यह भी बताया गया है कि 3 फरवरी 2026 को उन्हें फोन कर 4 फरवरी को एनएचएआई कार्यालय पालमपुर बुलाया गया। वहां करीब दो घंटे इंतजार करवाने के बाद एक रेस्टोरेंट में मुलाकात के दौरान भी कथित तौर पर 10 लाख रुपये देने की बात दोहराई गई।
सीबीआई ने पूछताछ के लिए बुलाए दोनों
सीबीआई ने शिकायत के आधार पर शिमला थाना में मुकदमा दर्ज कर इस पूरे मामले में आरोपित प्रोजेक्ट डायरेक्टर व महिला आर्किटेक्ट कंसल्टेंट को पूछताछ के लिए सीबीआई कायार्लय शिमला बुलाया है।
पूरे मामले की टाइमलाइन
- 2020: नायरा एनर्जी लिमिटेड की डीलरशिप मिली
- 29 जून 2021: एनएचएआई से प्रोविजनल एनओसी
- 31 अक्टूबर 2023: फाइनल एनओसी जारी
- मार्च 2025: पेट्रोल पंप का निर्माण शुरू
- फरवरी 2026: रिश्वत मांगने का आरोप, शिकायत दर्ज
शिकायत में लगे प्रमुख आरोप
- फाइनल एनओसी के नाम पर 10 लाख रुपये की मांग
- कंसल्टेंट के माध्यम से संपर्क करने का आरोप
- रिश्वत नहीं देने पर सड़क काटने का दावा
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