हिमाचल में पंचायत चुनाव तीन चरण में करवाने की तैयारी, आरक्षण रोस्टर के बाद निर्वाचन आयोग तय करेगा शेड्यूल
हिमाचल प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग 15 मई के बाद पंचायत और शहरी निकाय चुनाव कराने की तैयारी में है। पंचायत चुनाव तीन चरणों में, जबकि शहरी निकाय चुनाव एक ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारी तेज हो गई है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
15 मई के बाद होंगे पंचायत और शहरी निकाय चुनाव।
पंचायत चुनाव तीन, शहरी निकाय चुनाव एक चरण में।
31 मार्च तक आरक्षण रोस्टर जारी करने के निर्देश।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग 15 मई के बाद पंचायत एवं निकाय चुनाव करवाने की तैयारी में है। इसके लिए शेड्यूल तैयार किया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो पंचायत चुनाव तीन, जबकि शहरी निकायों के चुनाव एक ही चरण में करवाने पर विचार हो रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग ने समय पर चुनाव करवाने के लिए पंचायती राज विभाग को 31 मार्च से पहले आरक्षण रोस्टर जारी करने के निर्देश दिए हैं।
शहरी निकायों के आरक्षण रोस्टर को लेकर भी पहले ही निर्देश जारी कर दिए हैं। आरक्षण रोस्टर के जारी होने के बाद चुनाव करवाने का रास्ता साफ हो जाएगा।
3,773 पंचायतें बन गई
सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार को 31 मई से पहले स्थानीय निकाय चुनाव करवाने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश में 3,773 पंचायतें बन गई हैं। हालांकि सात पंचायतों से संबंधित मामले प्रदेश हाई कोर्ट में पहुंचे हैं। इसके अलावा और मामलों के कोर्ट में आने की सूचना है। प्रदेश हाई कोर्ट में सोमवार को पंचायतों के गठन को लेकर सुनवाई होनी है।
32 की योजना थी 200 बना दीं
हालांकि राज्य निर्वाचन आयोग ने नई बनाई 200 पंचायतों को मंजूरी दे दी है। यह अलग बात है कि आदर्श चुनाव आचार संहिता के लागू होने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग से जब पंचायतों के पुनर्गठन की अनुमति मांगी गई तो लगभग 32 पंचायतों के गठन की योजना थी, जो बाद में 200 पहुंच गई।
पंचायत एवं निकाय चुनाव समय पर करवाने को लेकर आरक्षण रोस्टर जारी करने के निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत समय पर चुनाव करवाए जाएंगे। इसके लिए सारी प्रक्रिया को पूरा किया जा रहा है।
-सुरजीत सिंह राठौर, सचिव, राज्य निर्वाचन आयोग।
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