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    हिमाचल पुलिस की नई व्यवस्था, 20 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी पर ही साइबर थाना में FIR होगी; क्यों किया गया बदलाव?

    By Chaitanya Thakur Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Tue, 10 Mar 2026 10:57 AM (GMT+05:30)

    हिमाचल प्रदेश पुलिस ने साइबर अपराधों से निपटने के लिए नई व्यवस्था लागू की है। अब 20 लाख रुपये से कम की साइबर ठगी के मामले जिला पुलिस देखेगी, जबकि 20 ल ...और पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश में साइबर ठगी के मामलों में एफआईआर को लेकर नई व्यवस्था लागू की है। प्रतीकात्मक फोटो

    हिमाचल प्रदेश में साइबर ठगी के मामलों में एफआईआर को लेकर नई व्यवस्था लागू की है। प्रतीकात्मक फोटो

    HighLights

    1. 20 लाख से कम ठगी मामले जिला पुलिस निपटाएगी।

    2. 20 लाख से अधिक के मामले साइबर थाने जाएंगे।

    3. पीड़ित 1930 पर या थाने में तुरंत शिकायत करें।

    जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों के बीच पुलिस ने मामलों के निपटारे के लिए नई व्यवस्था लागू की है। अब साइबर ठगी के 20 लाख रुपये से कम राशि वाले मामलों की जांच संबंधित जिला पुलिस द्वारा की जाएगी। 20 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी के मामलों में ही राज्य के साइबर थाने में एफआइआर दर्ज की जाएगी।

    कुछ वर्षों में प्रदेश में साइबर ठगी के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है। लोगों को फर्जी काल, लिंक, निवेश योजनाओं और आनलाइन ट्रांजेक्शन के नाम पर ठगा जा रहा है। कई मामलों में ठगी की रकम लाखों रुपये तक पहुंच रही है।

    पुलिस का मानना है कि छोटी राशि के मामलों को जिला स्तर पर निपटाने से पीड़ितों को जल्द राहत मिल सकेगी और पुलिस की कार्रवाई भी तेज होगी।

    20 लाख से कम के मामले जिलों के थानों में जाएंगे

    नई व्यवस्था के तहत अब साइबर अपराध से जुड़े मामलों में पीड़ितों को अपने जिले के पुलिस थाने या साइबर सेल से संपर्क करना होगा। यदि ठगी की राशि 20 लाख रुपये से अधिक होती है तो मामला साइबर थाने में दर्ज किया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इससे जांच प्रणाली को बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जा सकेगा।

    बड़े मामले क्यों जाते हैं साइबर थाने में

    पुलिस प्रशासन का कहना है, साइबर अपराध के मामलों में तकनीकी जांच और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसलिए बड़े मामलों को साइबर थाने में ही दर्ज किया जाता है, ताकि विशेषज्ञ टीम द्वारा गहन जांच की जा सके। वहीं छोटे मामलों में जिला पुलिस भी अब प्रशिक्षित हो चुकी है और वे ऐसे मामलों की जांच प्रभावी ढंग से कर सकती है। 

    लोगों के लिए एडवायजरी

    पुलिस विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक पर भरोसा न करें और अपनी बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा न करें। यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी होती है तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाएं। 

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    क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी

    आईजी रोहित मालपानी (साइबर क्राइम) ने स्पष्ट किया है कि जिला पुलिस 20 लाख से कम ठगी के मामलों की जांच व साइबर थाने में 20 लाख से अधिक की ठगी के मामले दर्ज करने के निर्देश हैं।

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