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    हिमाचल पुलिस के IG जैदी की जमानत के बाद हेडक्वार्टर में ज्वाइनिंग, 5 साल जेल में रहे; महकमे में हो रही चर्चाएं

    By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
    Updated: Wed, 11 Mar 2026 12:38 PM (IST)

    आईजी जहूर हैदर जैदी ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद शिमला स्थित प्रदेश पुलिस मुख्यालय में दोबारा ज्वाइनिंग दी। उन्हें कोटखाई दुष् ...और पढ़ें

    हिमाचल प्रदेश पुलिस के आईजी जहूर हैदर जैदी। जारगण आर्काइव

    हिमाचल प्रदेश पुलिस के आईजी जहूर हैदर जैदी। जारगण आर्काइव

    HighLights

    1. IG जैदी ने शिमला पुलिस मुख्यालय में दोबारा ज्वाइनिंग दी।

    2. पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद वापसी।

    3. कोटखाई मामले में उम्रकैद की सजा निलंबित हुई।

    जागरण संवाददाता, शिमला। पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से राहत मिलने के बाद आइपीएस अधिकारी आइजी जहूर हैदर जैदी ने मंगलवार शाम करीब 4:30 बजे प्रदेश पुलिस मुख्यालय शिमला में दोबारा ज्वाइनिंग दी। फिलहाल उन्हें कोई नई जिम्मेदारी नहीं सौंपी है। जैदी को कोटखाई में छात्रा दुष्कर्म एवं हत्या मामले में पुलिस कस्टडी में हुई मौत के मामले में उम्रकैद की सजा को निलंबित करते हुए जमानत पर रिहा किया गया है।

    पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से राहत मिलने के बाद उनकी सेवा में वापसी का रास्ता साफ हुआ। हाई कोर्ट ने उनकी अपील पर अंतिम फैसला होने तक उम्रकैद की सजा को निलंबित करते हुए जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था। इसके बाद सरकार ने भी अदालत के आदेश के आधार पर उनकी सेवा में बहाली के निर्देश जारी किए।

    पुलिस महकमे में चर्चाएं तेज

    हाई कोर्ट ने आदेश में यह भी टिप्पणी की थी कि जैदी पांच साल से अधिक समय तक जेल में रह चुके हैं और अदालत में अपीलों की लंबी कतार को देखते हुए मामले के जल्द निपटारे की संभावना कम है। इसी आधार पर अदालत ने 25 हजार रुपये के निजी मुचलके और एक जमानतदार पर उन्हें रिहा करने का आदेश दिया। फिलहाल जैदी की ज्वाइनिंग के बाद पुलिस महकमे में इसे लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। 

    यह है मामला

    वर्ष 2017 में कोटखाई में नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म व हत्या का मामला सामने आया था। जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपित सूरज की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। मामले की जांच बाद में सीबीआइ को सौंपी गई। सीबीआइ जांच में पुलिसकर्मियों पर हिरासत में हत्या के आरोप तय हुए। जनवरी 2024 में चंडीगढ़ स्थित सीबीआइ की विशेष अदालत ने जैदी समेत आठ पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हालांकि इस मामले में शिमला के तत्कालीन एसपी डीडब्ल्यू नेगी को अदालत ने सुबूतों के अभाव में बरी कर दिया था। कोर्ट ने जनवरी में जैदी को राहत दी थी।

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