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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Himachal Politics: सियासी संकट से उबारने के लिए बनाई सब कमेटी, हिमाचल के डिप्टी CM को दी गई ये जिम्मेदारी

    Updated: Sat, 23 Mar 2024 08:31 PM (GMT+05:30)

    Himachal Politics हिमाचल में कांग्रेस की समस्याएं कम होने का नाम नहीं ले रहीं। आज पार्टी के छह बागी विधायकों ने भाजपा ज्वाइन कर ली। पार्टी की बढ़ती मु ...और पढ़ें

    Himachal Politics: सियासी संकट से उबारने के लिए बनाई सब कमेटी
    Himachal Politics: सियासी संकट से उबारने के लिए बनाई सब कमेटी

    HighLights

    1. राजनीतिक संकट से उबारने के लिए हिमाचल सरकार ने बनाई मंत्रिमंडलीय उपसमिति
    2. उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री अध्यक्ष, मंत्री चंद्र कुमार, हर्षवर्धन चौहान व जगत नेगी सदस्य
    3. आर्थिक व राजनीतिक मामलों के समाधान व समग्र चर्चा के लिए दिया दायित्व

    जागरण संवाददाता, शिमला। छह अयोग्य घोषित विधायकों सहित त्यागपत्र देने वाले तीन निर्दलीय विधायकों का भाजपा का दामन थामने के बाद हिमाचल में फिर राजनीतिक संकट पैदा हो गया है। आर्थिक संकट से पहले ही प्रदेश सरकार जूझ रही है। इस संकट से सरकार को बाहर निकालने का दायित्व उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री को सौंपा गया है।

    सब कमेटी में वरिष्ठ मंत्रियों को दी गई जगह

    सरकार ने शनिवार को आर्थिक व राजनीतिक मामलों के समाधान व समग्र चर्चा के लिए मंत्रिमंडलीय उपसमिति का गठन किया है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री को इसका अध्यक्ष बनाकर बड़ा दायित्व दिया है। इस समिति में ऐसे वरिष्ठ मंत्रियों को रखा गया है, जिनकी सभी पक्ष बात मान सकते हैं।

    यह समिति राजनीतिक मामले देखेगी। इसको लेकर सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने अधिसूचना जारी की है। इस मंत्रिमंडलीय उपसमिति में कृषि मंत्री चंद्र कुमार, उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान और राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी सदस्य बनाए गए हैं। इस संबंध में सभी प्रशासनिक सचिवों को भी सूचित कर दिया गया है।

    मिशन लोटस को करेंगे असफल

    राज्यसभा चुनाव के बाद से प्रदेश में राजनीतिक संकट के बादल छाने लगे थे। कांग्रेस हाईकमान ने इसमें हस्तक्षेप कर पहले सरकार व संगठन के बीच तालमेल बनाने के लिए समन्वय समिति का गठन किया था, लेकिन यह समिति अधिक असरदार साबित नहीं हुई। इतना ही नहीं अब तक इसकी कोई बैठक भी नहीं हुई है। अब सरकार की ओर से मंत्रिमंडलीय उपसमिति का गठन किया गया है।

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    अधिक चिंता इसलिए है क्योंकि शनिवार को नौ नेताओं ने भाजपा का दामन थामा है। निर्दलीय विधायकों ने क्यों त्यागपत्र दिया, विपक्ष क्या चाल चल रहा है, यह किसी को समझ नहीं आ रहा। अब उपसमिति सरकार को मजबूत रखने के लिए जो जरूरी होगा, वह कदम उठाने की सरकार से सिफारिश करेगी।

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