यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 29, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Himachal Politics: 'हिमाचल में लालू-राबड़ी की कांग्रेस सरकार का आभास', BJP बोली- भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही सुक्खू सरकार
Himachal Politics हिमाचल की सुक्खू सरकार पर बीजेपी ने जमकर निशाना साधा है। बीजेपी प्रवक्ता संदीपनी ने कहा कि सुक्खू सरकार प्रदेश में भ्रष्टाचार को बढ़ ...और पढ़ें

जागरण ब्यूरो, शिमला। भाजपा प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में लालू और राबड़ी की सरकार का आभास हो रहा है। ऐसा प्रतीत होता है कि हिमाचल प्रदेश की सरकार एक ही परिवार के हाथ में खेल रही है और हिमाचल प्रदेश के मित्र इस परिवार के माध्यम से भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहे हैं।
पूर्ण रूप से हिमाचल प्रदेश एक देवभूमि है और देवभूमि में इस तरह का प्रचलन ज्यादा देर नहीं चलता है। मुख्यमंत्री ने क्रशर पॉलिसी क्यों चेंज करी? वह अभी तक एक बहुत बड़ा प्रश्न चिन्ह है? इस बदलाव से कहीं न कहीं भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिला है और मुख्यमंत्री ने अपने ही एक रिश्तेदार को इस बदलाव के माध्यम से बड़ा फायदा पहुंचाया है।
क्या यह घोटाला नहीं?
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में कभी इस सरकार के खिलाफ पत्र बम निकलता है, तो कभी खाद्य आपूर्ति विभाग में भ्रष्टाचार के आरोप सामने आते हैं और इस प्रकरण की जांच के बाद मामले को दबाने के लिए 72 लाख की पेनल्टी लगाई जाती है। संदीपनी ने सरकार के मित्रों से पूछा कि किन परिस्थितियों में 25 रुपये प्रति फुट बिकने वाला रेता 90 रुपये फुट तथा बजरी तीन गुना महंगी हो गई थी। सरकार बनने के तुरंत बाद प्रदेश में ऐसा होने लगा था। क्या यह घोटाला नहीं था?
क्रशर बंद क्यों नहीं हुए थे
अभी भी ऐसा हो रहा है, संदीपनी ने सभी उस समय की कमेटियों में मुख्यमंत्री के करीबी लोगों के शामिल होने का आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री स्पष्ट करें कि सरकार के अंदर मंत्री, सीपीएस और विधायकों से जुड़े हुए रिश्तेदारों के कुल कितने क्रशर हैं। जिस समय सब क्रशर बंद थे, उस समय सत्ताधारी लोगों के क्रशर बंद क्यों नहीं हुए थे।
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झूठ, फरेब, धोखा सरकार के तीन यार
उन्होंने कहा कि झूठ, फरेब, धोखा इस सरकार के तीन यार हैं। यह है मित्रों की सुक्खू सरकार। जब से कांग्रेस की सरकार हिमाचल प्रदेश में आई है झूठ बोलने का प्रचलन बढ़ गया है। अनेकों और अनगिनत ऐसे उदाहरण हैं जब लगातार मुख्यमंत्री और उनके मित्र झूठ बोलकर जनता को ठगने का प्रयास करते हैं।
कोई भी योजना बनती है तो उसमें केवल मात्र जनता को धोखा मिलता है और धोखे के साथ साथ फरेब साथ मुफ्त मिलता है। संदीपनी ने दावा किया की यह सरकार पूरी तरह से असंतुलित है, यह मित्रो की सरकार कभी भी गिर सकती है।