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    हिमाचल में CBSE स्कूलों के लिए बनेगा अलग सब कैडर, डे-बोर्डिंग संस्थान के रूप में चलेंगे, शिक्षकों को मिलेगा विकल्प

    Updated: Sat, 20 Sep 2025 05:56 PM (IST)

    Himachal Pradesh CBSE School हिमाचल प्रदेश में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 100 सरकारी स्कूल सीबीएसई से संबद्ध होंगे। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक सीब ...और पढ़ें

    सीबीएसई बोर्ड का दिल्ली स्थित परिसर। जागरण आर्काइव
    सीबीएसई बोर्ड का दिल्ली स्थित परिसर। जागरण आर्काइव

    HighLights

    1. 100 सरकारी स्कूल बनेंगे CBSE स्कूल |
    2. शिक्षकों के लिए बनेगा अलग कैडर |
    3. डे-बोर्डिंग स्कूल के रूप में कार्य |

    राज्य ब्यूरो, शिमला। Himachal Pradesh CBSE School, हिमाचल प्रदेश के 100 सरकारी स्कूल शैक्षणिक सत्र 2026-27 से केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध होंगे। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक सीबीएसई स्कूल खोला जाएगा, ताकि सभी क्षेत्र के विद्यार्थी सुगमता से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें।

    शिक्षा विभाग ने इस पर काम शुरू कर दिया है। इन स्कूलों में सीबीएसई का पाठ्यक्रम पढ़ाया जाएगा। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए इन स्कूलों के लिए अलग सब-कैडर बनाया जाएगा। मौजूदा शिक्षकों को सीबीएसई सब-कैडर चुनने का विकल्प दिया जाएगा।

    प्रधानाचार्य, शिक्षक और गैर-शिक्षण कर्मचारियों का चयन योग्यता, अकादमिक उत्कृष्टता, सह पाठ्यक्रम गतिविधियों में योगदान और अन्य प्रासंगिक कारकों के आधार पर किया जाएगा।

    प्रेस को जारी बयान में राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए मौद्रिक और गैर मौद्रिक दोनों प्रकार की प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन योजना भी आरंभ की जाएगी।

    सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि यह पहल हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध स्कूलों और सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के मध्य स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देगी। इससे विद्यार्थियों और शिक्षकों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।

    प्रवक्ता ने बताया कि सीबीएसई पाठ्यक्रम राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त और प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं के संदर्भ में व्यापक रूप से स्वीकार्य है। इस कदम से हिमाचली छात्रों में अकादमिक प्रतिस्पर्धात्मक मजबूत होगी, उन्हें उच्च शिक्षा और पेशेवर करियर के अवसर प्राप्त होंगे साथ ही विद्यार्थियों को 21वीं सदी की चुनौतियों के लिए मदद मिलेगी।

    विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध 

    प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार शैक्षणिक परिणामों में सुधार, समावेशी शिक्षण वातावरण का निर्माण और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य राज्य के स्कूलों को न केवल हिमाचल बल्कि पूरे देश के लिए शिक्षा के उत्कृष्ट मॉडल के रूप में विकसित करना है।

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    डे-बोर्डिंग स्कूल के रूप में कार्य करेंगे सीबीएसई संबद्ध संस्थान

    उन्होंने बताया कि इन सीबीएसई संबद्ध सरकारी स्कूल डे-बोर्डिंग संस्थानों के रूप में भी कार्य करेंगे और विद्यार्थियों के चहुंमुखी विकास पर विशेष ध्यान केंद्रित करेंगे। उन्होंने बताया कि अकादमिक शिक्षा के अलावा प्रदेश सरकार विद्यार्थियों के पोषण, खेलकूद, कला, कौशल विकास, सुधारात्मक शिक्षण, परामर्श, करियर मार्गदर्शन और कोचिंग पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इन पहलों को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए आवश्यकता के आधार पर अतिरिक्त पद भी सृजित किए जाएंगे।

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