हिमाचल प्रदेश पंचायतों की संख्या 3600 के पार, 43 नई का किया गठन; परिसीमन के लिए डेडलाइन तय
हिमाचल प्रदेश में पंचायतों की संख्या बढ़कर 3620 हो गई है, जिसमें 43 नई पंचायतें शामिल हैं। शहरी निकायों में विलय के कारण पहले घटी संख्या अब दो चरणों म ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश में चुनावी हलचल के बीच नई पंचायतों का गठन हुआ है। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
हिमाचल प्रदेश में 43 नई पंचायतों का गठन हुआ।
कुल पंचायतों की संख्या बढ़कर अब 3620 हो गई।
जिला परिषदों के परिसीमन की प्रक्रिया 25 मार्च तक पूरी होगी।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव की तैयारियों के बीच पंचायतों की संख्या बढ़कर 3620 हो गई है। प्रदेश में 43 नई पंचायतों का गठन कर दिया गया है। इस संबंध में जिला उपायुक्तों के बाद पंचायती राज विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। प्रदेश में नए नगर निगमों, नगर पंचायतों और शहरी निकायों में पंचायतों के विलय के बाद पंचायतों की संख्या 3615 से घटकर 3577 रह गई थी। इसके बाद दो चरणों में नई पंचायतों का गठन किया गया, जिसके तहत 43 नई पंचायतें बनाई गई हैं।
अब इन पंचायतों के गठन के बाद इसके परिसीमन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी आरक्षण रोस्टर की बारी आती है। इन दिनों प्रदेश में जिला परिषदों के परिसीमन की प्रक्रिया चल रही है, जिसे 25 मार्च से पहले पूरा करने के पंचायती राज विभाग की तरफ से निर्देश जारी किए गए हैं।
पहले चरण में चार, दूसरे चरण में 39 नई पंचायतें बनी
प्रदेश में पहले चरण में पांच हजार से अधिक की जनसंख्या वाली पंचायतों का गठन किया गया। इसके तहत सोलन में तीन और ऊना में एक पंचायत बनाई गईं। दूसरे चरण में तीन हजार से अधिक की जनसंख्या वाली 39 पंचायतों का विभाजन कर 39 नई पंचायतें बनाई गई।
सबसे अधिक कांगड़ा में 12 नई पंचायतें बनी
प्रदेश में सबसे अधिक नई पंचायतें कांगड़ा जिले में बनी हैं। कांगड़ा में 12, ऊना में सात, सोलन में छह, शिमला व बिलासपुर में चार-चार, हमीरपुर, चंबा में तीन-तीन और सिरमौर व मंडी में दो-दो नई पंचायतों का गठन हुआ है।
शिमला में ग्राम सभा क्षेत्रों का पुनर्सीमांकन
हिमाचल प्रदेश पंचायती राज विभाग ने जिला शिमला में ग्राम सभा क्षेत्रों के पुनर्सीमांकन को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। विभाग के अनुसार 27 जनवरी को जारी प्रस्तावना के तहत संबंधित ग्राम सभा सदस्यों से आक्षेप एवं सुझाव आमंत्रित किए गए थे। अब इस संबंध में विकास खंड टूटू के तहत बढ़ई ग्राम सभा से कुछ गांवों को अपवर्जित कर अन्य ग्राम सभाओं में शामिल किया गया है।